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For every ₹100 spent on healthcare in Telangana, households paid ₹39 from their own pockets: NHA report

नई दिल्ली। हाल ही में जारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की रिपोर्ट से पता चला है कि तेलंगाना में स्वास्थ्य देखभाल पर हर ₹100 खर्च में से ₹39 राशि सीधे घरों ने अपनी जेब से दी है। यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि जबकि सरकार स्वास्थ्य खर्च का सबसे बड़ा भागीदार बनी हुई है, घरेलू परिवारों को भी चिकित्सा खर्च के लिए भारी बोझ उठाना पड़ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकारी खर्च प्रमुख भूमिका निभाता है, जो लोगों को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा प्रदान करता है। हालांकि, अस्पताल में उपचार के दौरान आवश्यक दवाएं, जांच और अन्य सेवाओं के लिए मरीजों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है, जो परिवारों के लिए आर्थिक दबाव का कारण बनता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू स्वास्थ्य खर्च का इतना बड़ा हिस्सा सीधे मरीजों की जेब से निकलना चिंता का विषय है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में असमानता बढ़ सकती है। यह विशेष रूप से कमजोर वर्गों और कम आय वाले परिवारों के लिए चुनौतियों को और बढ़ाता है।

आरोग्य सेतु और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य पहलों ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में योगदान दिया है, लेकिन घरेलू खर्च में कमी लाने के लिए अभी और प्रयास आवश्यक हैं। नीति निर्माताओं को चाहिए कि वे सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों पर जोर दें, साथ ही निजी क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं की लागत को नियंत्रित करें।

एनएचए के अनुसार, स्वास्थ्य देखभाल पर कुल खर्च में सरकारी योगदान बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू स्वास्थ्य खर्च को कम करने की रणनीति भी महत्वपूर्ण है। इससे न केवल आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य परिणामों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस रिपोर्ट के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि तेलंगाना में स्वास्थ्य सेवा सुधार की दिशा में अभी और काम करना बाकी है, ताकि हर परिवार को आर्थिक रूप से सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो सके।

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