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Why ESIC decided to directly run new hospitals: The West Bengal trigger
ईएसआईसी ने नए अस्पताल सीधे चलाने का फैसला क्यों किया: पश्चिम बंगाल की ट्रिगर
As countries urbanise, 38% of world's population will live in large cities by 2100: Study
जैसे-जैसे देश शहरीकरण की ओर बढ़ेंगे, 2100 तक दुनिया की 38% आबादी बड़े शहरों में रहेगी: अध्ययन
'Disbelief' in India camp after a failure to adapt to 'fantastic' Ireland
भारत के कैंप में ‘आश्चर्य और असमंजस’ ने लिया जन्म, ‘शानदार’ आयरलैंड के खिलाफ अनुकूलन में नाकामी
Only 10.2% women fielded in 20 Assembly polls since passage of women’s Bill in 2023: report
सिर्फ 10.2% महिलाएं ही मैदान में उतरीं, 2023 में महिला विधेयक पारित होने के बाद 20 विधानसभा चुनावों में: रिपोर्ट
Through The Magnificent Life, artist Rajesh RV imagines a world of harmony and hope
महान जीवन के माध्यम से, कलाकार राजेश आरवी ने सौहार्द और उम्मीद की दुनिया की कल्पना की
Ancient Aaykkudi Temple Discovered in Vizhinjam | Kerala Temple History
विजीनजं में प्राचीन अय्यकुडी मंदिर की खोज | केरल मंदिर इतिहास
It’s a bad idea to scratch bug bites, research says
कीट के काटने पर खुजलाना एक गलत कदम है, शोध में बताया गया
What decides your height?
क्या निर्धारित करता है आपकी ऊंचाई
Why is pregnancy sickness drug not easily accessible to all?
गर्भावस्था के दौरान बीमारी की दवा सभी के लिए उपलब्ध क्यों नहीं है
Athlete, scientist, politician: Who is Karnataka’s new Deputy CM Parameshwara?

बेंगलुरु। कर्नाटक राज्य की राजनीति में एक नई पहचान बनाने वाले शिवराम हेगड़े परमेश्वर ने हाल ही में उपमुख्यमंत्री के पद की शपथ ली है। 74 वर्षीय परमेश्वर कांग्रेस पार्टी के भरोसेमंद संगठनात्मक स्तंभ और राज्य में दलित वर्ग के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। उनका राजनीतिक करियर लंबे समय से लोकहित और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित रहा है।

परमेश्वर का जन्म और प्रारंभिक जीवन कर्नाटक के एक दलित परिवार में हुआ। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने विज्ञान की पढ़ाई करते हुए समाज सेवा की प्रेरणा प्राप्त की। वर्षों से वे कांग्रेस पार्टी के अंदर से संगठन को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। उनके अनुभव और निष्पक्ष निर्णय क्षमता ने उन्हें पार्टी में नेतृत्व के पद पर पहुंचाया है।

कर्नाटक की राजनीति में दलितों को प्रतिनिधित्व देने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए परमेश्वर ने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। वे सामाजिक समरसता पर जोर देते हैं और अलग-अलग वर्गों के बीच एकता स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत रहे हैं। उनके नेतृत्व में कई विकास योजनाएँ और कल्याणकारी कार्यक्रम लागू किए गए हैं जो विशेषकर पिछड़े और कमजोर तबकों के लिए अभिवृद्धि का साधन बनें।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परमेश्वर के अनुभव और संगठन में पकड़ से कांग्रेस पार्टी को राज्य में मजबूती मिलेगी। उनकी छवि एक समर्पित, ईमानदार और कामकाजी नेता की है जो जनभावनाओं को समझने में पारंगत हैं। उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी प्राथमिकता राज्य के विकास के साथ-साथ सामाजिक न्याय के मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की होगी।

परमेश्वर की यह नियुक्ति कर्नाटक में दलित समुदाय के लिए नई आशा की किरण है। उनकी अगुवाई में कांग्रेस पार्टी का लक्ष्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना और प्रगति के नए मुकाम हासिल करना है। आने वाले समय में उनकी नीतियाँ और कार्यशैली यह तय करेंगी कि वे राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को कितनी कुशलता से निभा पाते हैं।

इस नए दौर में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री के रूप में परमेश्वर के कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं। वे न केवल एक अनुभवी राजनेता हैं, बल्कि दलित समुदाय के लिए आवाज उठाने वाले एक सशक्त नेता भी हैं, जो राज्य की राजनीति को नई दिशा देने में सक्षम हैं।

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