बेंगलुरु: लंबे समुंद्री तैराक और ओपन-वाटर विशेषज्ञ श्रीकांत विश्वनाथन ने हाल ही में स्ट्रेट ऑफ़ जिब्राल्टर के पार अपनी टीम का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण जलमार्ग को पार करना एक साहसिक उपलब्धि मानी जाती है, और विश्वनाथन ने इस मेहनती तैयारी और टीम के समर्पण को श्रेय दिया।
श्रीकांत विश्वनाथन, जो कि एक अनुभवी लंबी दूरी के तैराक हैं, ने टीम के प्रशिक्षण के दौरान कड़ी मेहनत, तकनीक, सहनशक्ति और मानसिक मजबूती पर खास ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि स्ट्रेट ऑफ़ जिब्राल्टर की यात्रा न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि यहाँ की धाराएँ और ज्वार पूरी तरह से अप्रत्याशित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने टीम को प्रशिक्षित करते हुए यह सुनिश्चित किया कि वे न केवल अपनी तैराकी क्षमता को बढ़ाएं, बल्कि खुले पानी की परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने में भी सक्षम हों। यह अनुभव बहुत जरूरी है क्योंकि समुद्र की स्थितियाँ हमेशा बदलती रहती हैं।”
इसके अलावा, श्रीकांत ने खुली जलतल पर तैराकी के प्रति अपने प्रेम को भी साझा किया। उनका मानना है कि खुले पानी पर तैरना एक प्रकार की मानसिक शांति और शारीरिक फिटनेस दोनों प्रदान करता है। वह कहते हैं, “मेरे लिए, ओपन-वाटर तैराकी सिर्फ खेल नहीं बल्कि एक जीवनशैली है। समुद्र की विशालता और उसकी गहराई में तैरते हुए जो आनंद मिलता है, वह किसी भी स्विमिंग पूल से कहीं ज्यादा अलग होता है।”
विश्वनाथन ने यह भी विस्तार से बताया कि स्ट्रेट ऑफ़ जिब्राल्टर तैरने से टीम को मिल रही चुनौतियाँ और अवसर दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। इस तरह की प्रतियोगिताएँ तैराकों को नई सीमाओं को पार करने के लिए प्रेरित करती हैं, साथ ही उनका कौशल और अनुभव भी बढ़ाती हैं।
स्ट्रेट ऑफ़ जिब्राल्टर के पार तैरने वाली टीम ने न केवल इस कठिन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया, बल्कि अपने साहस और समर्पण का परिचय भी दिया। श्रीकांत विश्वनाथन के नेतृत्व में यह कार्यक्रम एक मिसाल साबित हुआ है कि भारत के तैराक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं।
अंततः, श्रीकांत का यह कहना है कि इस उपलब्धि ने उनके और उनकी टीम के मनोबल को और अधिक मजबूत किया है और वे भविष्य में भी इसी तरह के चुनौतीपूर्ण जलमार्गों को पार करने की योजना बना रहे हैं। इस सफर ने उन्हें दिखाया है कि लगातार प्रशिक्षण, धैर्य और आत्मविश्वास से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।

