नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर श्री मल्होत्रा ने हालिया आर्थिक स्थिति पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर खड़ी है और वर्तमान समय में हम बेहतर आर्थिक स्थिति में हैं। उन्होंने यह बात खास तौर पर तब कही जब उनसे पूछा गया कि RBI के लिए सबसे बड़ी चिंता क्या है।
गवर्नर ने स्पष्ट किया कि उनकी सबसे बड़ी चिंता वर्तमान वैश्विक विवाद की अवधि और इससे प्रभावित सप्लाई चैन के पुनर्स्थापन में लगने वाले समय को लेकर है। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह संघर्ष कब तक चलेगा और हमारी सप्लाई चेन कब सामान्य हो पाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की आर्थिक नींव इतनी मजबूत है कि वह अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना कर सकती है और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने में सक्षम है। श्री मल्होत्रा ने यह माना कि वैश्विक आर्थिक तनाव देश के लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है, लेकिन भारत की नीति निर्माता टीम सतत निरीक्षण और प्रबंधन के माध्यम से समस्याओं को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
रिजर्व बैंक गवर्नर ने यह भी बताया कि वर्तमान सप्लाई चेन बाधाएं मुख्यतः वैश्विक स्तर की हैं, जिनका जल्द समाधान जरूरी है ताकि उत्पादन, वितरण और उपभोग के चक्र में बाधा न आए। उन्होंने निजी क्षेत्रों से समन्वय बढ़ाने और नवाचार के जरिए सप्लाई चेन को अधिक लचीला बनाने पर जोर दिया।
महामारी और वर्तमान महामारी के बाद की वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच, RBI ने कई कदम उठाए हैं ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर अधिक से अधिक स्थिरता बनी रहे। गवर्नर मल्होत्रा ने इस संदर्भ में नीति सुधार, बैंकों के साथ सहयोग और वित्तीय समावेशन के उद्देश्यों को भी रेखांकित किया।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और घरेलू नीतियों के संतुलन से भारत अपनी आर्थिक वृद्धि दर को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। श्री मल्होत्रा ने आशा जताई कि वैश्विक परिस्थिति जल्द सामान्य होगी और आर्थिक सुधारों के सकारात्मक परिणाम दिखने शुरू होंगे।
RBI के इस मजबूत रुख से अर्थशास्त्री और उद्योग जगत भी सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि यद्यपि चुनौतियां मौजूद हैं, भारत की आर्थिक प्रगति निरंतर बनी रहेगी और दीर्घकालिक दृष्टि से यह देश के हित में होगा।
