चेन्नई। तमिलनाडु में नकद के बदले नौकरी घोटाले की जांच अब नया मोड़ ले चुकी है। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। यह मामला AIADMK सांसद आई एस इंबदुरई द्वारा दायर की गई याचिका से शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने विभागीय भर्ती में कथित घूसखोरी और अनियमितताओं की डीवीएसी से जांच कराने की मांग उठाई थी।
घोटाले की पड़ताल में पता चला कि भर्ती प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, जहां नकद के बदले नौकरी दिए जाने की गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने भी अपने छानबीन में कई अनियमितताएं पकड़ने की कोशिश की थी। इसके बाद मामले की जांच को और मजबूती देने के लिए तमिलनाडु उच्च न्यायालय ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया।
डीवीएसी और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम ने शिकायतकर्ताओं और संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई सरकारी अधिकारियों और दलालों की भूमिका उजागर हो सकती है, जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घोटाले की तह में जाकर पूरे भर्ती प्रबंधन तंत्र में पारदर्शिता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह के भ्रष्टाचार की संभावना को खत्म किया जा सके।
सरकार ने इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसियों को आवश्यक संसाधन और सहयोग देने का आश्वासन दिया है। विपक्षी दल इस जांच को सूखापन बताते हुए राज्य सरकार पर दोष भी प्रत्यक्ष रूप से लगा रहे हैं। वहीं आम जनता इस प्रकार की भ्रष्टाचार घटनाओं से काफी आहत है और न्याय की उम्मीद कर रही है।
इस घोटाले की जांच अब आगे बढ़ रही है और संबंधित अधिकारी जल्द ही अपनी प्रगति रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करेंगे। तमिलनाडु के लोगों की निगाहें इस जांच पर टिकी हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भ्रष्ट तत्वों को बख्शा न जाए और नौकरी पाने के अधिकार में निष्पक्षता कायम रहे।
