नई दिल्ली, 27 अप्रैल: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाने वाले अंपायर वी. विक्रमराजू का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। अपने समय के जाने-माने अंपायरों में शुमार विक्रमराजू ने टेस्ट व वनडे क्रिकेट में अपनी सेवाएं दीं और क्रिकेट जगत में एक सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में पहचाने गए।
वी. विक्रमराजू ने कुल दो टेस्ट मैचों में अंपायरिंग की, जिनमें से एक अहम मैच था जो चन्नई में टाई रहा था। इसके अलावा उन्होंने पांच वनडे इंटरनेशनल मुकाबलों में भी अंपायरिंग की। वहीं, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनकी भागीदारी काफी व्यापक रही, उन्होंने 42 प्रथम श्रेणी मैचों में अंपायर की भूमिका निभाई।
उनका योगदान केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने युवाओं को क्रिकेट के नियमों और अंपायरिंग के पेशेवर मानकों को समझने एवं अपनाने में भी मदद की। क्रिकेट प्रशंसक और खिलाड़ियों के बीच उनका नाम सम्मानपूर्वक लिया जाता था।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने विक्रमराजू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। बीसीसीआई ने कहा कि उनका क्रिकेट में योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
उनके करियर की शुरुआत 1960-70 के दशक में हुई थी, जब क्रिकेट में अंपायरिंग की चुनौतियां कई गुना अधिक थीं। सीमित संसाधनों और तकनीकी सहायता के बावजूद, विक्रमराजू ने ईमानदारी और न्यायप्रियता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह किया।
विक्रमराजू के निधन से भारतीय क्रिकेट को एक अनुभवी अंपायर और प्रेरणा स्रोत खोना पड़ा है। यह समय उनके परिवार, दोस्तों और पूरे क्रिकेट समुदाय के लिए बहुत दुखद है। उनके योगदान को याद करते हुए सभी खेल प्रेमी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

