डेनमार्क के टीम डॉक्टर ने रविवार को बताया कि खिलाड़ी के सीने में लगाया गया इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर (ICD) सही समय पर काम करने में सक्षम रहा, जब वह मैदान पर बेहोश हो गए थे। यह घटना फुटबॉल जगत में एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन इस उपकरण की वजह से खिलाड़ी की जान बचाई जा सकी।
डेनमार्क की टीम डॉक्टर ने बताया कि खिलाड़ी गिरने के तुरंत बाद ICD ने अपनी सक्रियता दिखाई और दिल की धड़कन को सामान्य करने के लिए जरूरी शॉक दिया। इस उपकरण का उद्देश्य जीवन के लिए खतरनाक हृदय की समस्याओं को रोकना और दिल को पुनः सक्रिय करना होता है।
कोच और मेडिकल स्टाफ ने त्वरित प्रतिक्रिया दी और खिलाड़ी को तुरंत चिकित्सकीय सहायता प्रदान की गई। इसके बाद खिलाड़ी को अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
यह घटना कई फुटबॉल प्रेमियों के लिए चेतावनी के रूप में सामने आई है कि खेल के दौरान भी खिलाड़ियों को हार्ट संबंधी आपात स्थिति के लिए तैयार रहना आवश्यक है। ICD जैसी तकनीकी उपकरण इस दिशा में काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
खेल आयोजकों ने भी इस घटना के बाद सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है ताकि भविष्य में ऐसी हादसों से बचा जा सके।
इस प्रकार ने न केवल खिलाड़ी की जान बचाई बल्कि खेल के स्वास्थ्य सुरक्षा पहलुओं को भी एक नई दिशा दी है। हम सभी इसके लिए चिकित्सा विज्ञान और तकनीक की उन्नति की सराहना करते हैं।

