श्रीनगर। भारतीय वायु सेना द्वारा नियोजित रखरखाव कार्यों के चलते श्रीनगर हवाई अड्डे का रनवे प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को बंद रहने की संभावना है। यह बंदी 1 जुलाई से लेकर 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। इस घोषणा से कश्मीर के व्यापारिक समुदाय और यात्रियों में गहरी चिंता दिख रही है।
श्रीनगर हवाई अड्डे ने हाल ही में एक सलाहकार नोट जारी कर बताया कि रनवे को ठीक करने एवं रखरखाव के कामों के कारण सोमवार और मंगलवार को हवाई सेवा प्रभावित रहेगी। यह कदम सुरक्षा और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बताया गया है।
कश्मीर के स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि हवाई मार्ग पर यह अस्थायी रोक उनके कारोबार को प्रभावित करेगी क्योंकि वे अपनी वस्तुओं को देश के अन्य भागों तक पहुंचाने के लिए इस हवाई अड्डे पर बहुत निर्भर हैं। व्यवसायी प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से अपील की है कि वे इस योजना पर पुनर्विचार करें या साथ ही वैकल्पिक उपाय सुनिश्चित करें ताकि कारोबार प्रभावित न हो।
वहीं, यात्री भी अपनी यात्रा योजनाओं को लेकर चिंतित हैं। कई लोगों ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान इस बंदी के कारण सफर में असुविधा होने की आशंका जताई है। एयरलाइंस कंपनियां भी अपने शेड्यूल में आवश्यक बदलाव करने की तैयारी कर रही हैं।
शासन एवं भारतीय वायु सेना के अधिकारी यह स्पष्ट करते हुए कहते हैं कि रखरखाव कार्य अत्यंत आवश्यक हैं ताकि हवाई अड्डा सुरक्षित एवं सुचारू रूप से संचालन कर सके। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई है कि बंदी के दौरान यात्रियों तथा कारोबारियों के लिए न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि रनवे की समय-समय पर मरम्मत एवं निरीक्षण से सुरक्षा जोखिम कम होते हैं और उड़ान संचालन की दक्षता में सुधार होता है। हालांकि, इस दौरान स्थानीय प्रशासन को प्रभावी संवाद एवं वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी ताकि प्रभावित पक्षों को ज्यादा परेशानी न हो।
संक्षेप में कहा जा सकता है कि श्रीनगर हवाईअड्डे की रनवे बंदी योजना तीव्र विचार और सहयोग की मांग करती है ताकि कश्मीर के कारोबार और सामान्य जनता का न्यूनतम नुकसान हो और आवश्यक रखरखाव कार्य भी समय से संपन्न हों।

