नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने फार्मा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उपायों को और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। वित्त वर्ष 2026 में फार्मा निर्यात 31 अरब डॉलर के करीब पहुंचने के बाद, सरकार ने फार्मा इनपुट्स पर लागू ड्यूटी छूट को जून 30 के बाद भी बढ़ाने पर विचार शुरू कर दिया है। यह कदम देश के फार्मा उद्योग को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में लागू ड्यूटी छूट ने भारत के फार्मास्यूटिकल्स के निर्यात को काफी हद तक प्रोत्साहित किया है। कई फार्मास्यूटिकल कंपनियां अपनी लागत कम कर पाई हैं, जिससे वे बेहतर दामों पर वैश्विक बाजार में टिक पाने में सक्षम हो रही हैं।
सरकार निर्यात के विस्तार के लिए सिर्फ ड्यूटी छूट पर ही नहीं, बल्कि बाजारों के विविधीकरण पर भी गम्भीरता से काम कर रही है। विश्लेषकों का कहना है कि जून 2026 तक फार्मा निर्यात 31 अरब डॉलर की राशि पार कर चुका है, जो भारतीय फार्मा उद्योग की मजबूती का एक प्रमाण है। इस वृद्धि में सरकार के निर्यात प्रोत्साहन कदम और बाजार विस्तार रणनीतियों की बड़ी भूमिका रही है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि फार्मा निर्यात के लिए नए बाजारों की खोज, जैसे अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और अन्य उभरते हुए क्षेत्र, भारत के लिए निर्यात संभावनाओं को और विस्तारित करेगा। इन बाजारों में भारतीय फार्मा उत्पादों की मांग बढ़ रही है, जिससे निर्यात को समय के साथ अधिक स्थिरता मिलेगी।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम न केवल ड्यूटी छूट को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं, बल्कि निर्यात से जुड़ी अन्य बाधाओं को भी कम करने का प्रयास करेंगे। हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय फार्मा उत्पाद वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और निर्यात को निरंतर बढ़ावा मिले।”
फार्मा क्षेत्र विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की यह रणनीति भारत को वैश्विक फार्मास्यूटिकल बाजार में एक मजबूत स्थान दिलाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निरंतर नीति समर्थन और बाजार विविधीकरण आवश्यक है, जिससे भारत की फार्मा इंडस्ट्री नई ऊंचाइयों को छू सके।
आर्थिक विश्लेषण बताते हैं कि फार्मा निर्यात में तेजी से वृद्धि भारत की कुल निर्यात आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इसके साथ ही यह क्षेत्र रोजगार सृजन और तकनीकी विकास के लिए भी एक बड़ा स्रोत साबित हो रहा है।
इस प्रकार, ड्यूटी छूट के विस्तार और बाजार विविधीकरण के जरिए सरकार भारत के फार्मा निर्यात को अगले स्तर पर ले जाने की योजना बना रही है, जो देश की आर्थिक प्रगति के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

