गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य में महिला आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कुल 10 लाख संभावित लाखपती दीदियों में से अब तक 5.96 लाख महिलाओं को मान्यता दी गई है। यह पहल राज्य की महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी ने महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। लाखपती दीदियों की इस फेहरिस्त में वे महिलाएं शामिल हैं जो अपनी कमाई से परिवार और समुदाय के आर्थिक विकास में भूमिका निभा रही हैं।
कंपनी के अधिकारी बताते हैं कि यह संख्या भविष्य में और बढ़ेगी, क्योंकि अभी भी कई महिलाएं इस प्रोग्राम के तहत लाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, और मार्केटिंग सपोर्ट प्रदान करने के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस पहल से महिलाओं की सामाजिक स्थिति में भी सुधार देखा जा रहा है। आर्थिक स्वतंत्रता उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ परिवार और समाज में उनकी भागीदारी को भी सशक्त कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रयास समूचे राज्य की आर्थिक प्रगति में सकारात्मक प्रभाव डालेंगे।
सरकार ने भी महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए इस क्षेत्र में निरंतर सहयोग और संसाधन मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। आने वाले वर्षों में इस योजना को और व्यापक रूप देने की योजना बनाई जा रही है, जिससे अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकें।
अंत में यह कहा जा सकता है कि गुजरात में लाखपती दीदियों की संख्या में बढ़ोतरी राज्य की महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी सफलता है। यह न केवल परिवारों में खुशहाली लाएगा, बल्कि समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति देगा।

