31 मई 1895 को “फ्लेक्ड सीरियल्स और उनकी तैयारी की प्रक्रिया” के लिए एक पेटेंट के लिए आवेदन किया गया था, जिसे 14 अप्रैल 1896 को मंजूरी मिली। इस महत्वपूर्ण आविष्कार ने खाने के शुरुआती दौर में एक नई क्रांति ला दी, जिसने नाश्ते के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई।
ऐसे समय में जब नाश्ता आमतौर पर भारी और पारंपरिक व्यंजनों तक सीमित रहता था, ये फ्लेक्ड सीरियल्स एक सरल, स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर विकल्प के रूप में उभरे। पेटेंट उपलब्ध होने के बाद, इस उत्पाद ने धीरे-धीरे खानपान उद्योग में अपनी पकड़ मजबूत की और आज यह बहुत सारे घरों में नाश्ते का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है।
अमेरिका में इस आविष्कार की शुरुआत अलार्म एस. गैनश नामक एक व्यक्ति से जुड़ी है, जिन्होंने एक सादगीपूर्ण कटोरा सीरियल लिया और इसके पीछे की कहानी साझा की कि यह कैसे अस्तित्व में आया। इस फ्लेक्ड तकनीक ने अनाजों को पतला और कुरकुरा बनाया, जिससे उनका स्वाद और पोषण बढ़ गया।
आज यह इंडस्ट्री बिलियन डॉलर की है और इसके कई ब्रांड विश्वभर में मौजूद हैं, जो विभिन्न प्रकार के फ्लेक्ड और मिश्रित सीरियल्स बाजार में उपलब्ध कराते हैं। न केवल बच्चों के लिए बल्कि वयस्कों के लिए भी यह नाश्ते का एक लोकप्रिय विकल्प बन चुका है।
इस आविष्कार की सहायता से नाश्ते की दुनिया में एक नया युग शुरू हुआ, जिसने खाने की आदतों को पूरी तरह से बदल दिया। फ्लेक्ड सीरियल्स ने पोषण, स्वाद और सुविधा का अनूठा मेल पेश किया, जो आज भी लोगों की दिनचर्या में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

