नई दिल्ली, 27 अप्रैल: हाल ही में एक रिपोर्ट में यह सामने आया है कि नवजात माताओं को उनके शिशु के जन्म के समय पर्याप्त स्तनपान समर्थन नहीं मिला। कई नई माताओं ने बताया कि स्तनपान के दौरान उन्हें सही मार्गदर्शन, सलाह और मानसिक सहारा नहीं मिला, जिससे उनके लिए यह अनुभव तनावपूर्ण और कष्टदायक बन गया।
स्तनपान एक प्राकृतिक प्रक्रिया होते हुए भी प्रारंभिक दिनों में कई माताओं के लिए चुनौतिपूर्ण हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही सहायता और सही जानकारी के अभाव में माताएं स्तनपान में कठिनाइयों का सामना करती हैं, जिससे नवजात शिशु के पोषण और मां के स्वास्थ्य दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
डॉक्टर रेखा शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, कहती हैं, “हमारे देश में स्तनपान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, मगर अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर स्तनपान सलाहकारों की संख्या पर्याप्त नहीं है। इससे माताओं को व्यक्तिगत मार्गदर्शन नहीं मिल पाता।”
एक नई मां सुमिता की बात करें तो उन्होंने बताया, “मेरे बच्चे का जन्म जल्द हुआ और अस्पताल में नर्सों के पास समय की कमी थी। मुझे स्तनपान के बारे में पूरा जानकारी नहीं दी गई, जिससे मैं काफी परेशान रही।” इस तरह की कहानियां कई माताओं के लिए आम हैं।
स्तनपान समर्थन से जुड़ी चुनौतियों में शामिल हैं:
- प्रारंभिक घंटों में सही स्तनपान तकनीक का अभाव।
- दूध की कमी या अधिकता को लेकर भ्रम।
- शारीरिक दर्द या संक्रमण से संबंधित समस्याएं।
- मनोवैज्ञानिक तनाव और भावनात्मक अकेलापन।
स्तनपान के सही समर्थन के लिए विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि अस्पतालों में स्तनपान सलाहकार तैनात हों, जो प्रत्येक मां की व्यक्तिगत जरूरतों को समझें और सही तकनीक सिखाएं। साथ ही, परिवार के सदस्यों को भी स्तनपान के महत्व और तरीकों के बारे में जागरूक करना आवश्यक है ताकि माताओं को घरेलू स्तर पर भी मदद मिल सके।
सरकारी स्तर पर भी माताओं के लिए स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए तथा मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाया जाना चाहिए। ऐसा करने से नवजात बच्चों को स्वस्थ पोषण मिलेगा और माताओं का भी शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
समाप्ति में कहा जा सकता है कि माताएं स्तनपान संबंधी चुनौतियों के प्रति अकेली नहीं हैं। समाज, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और सरकार को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा ताकि माताओं को उनका हक मिले और वे अपने नवजातों को सहजता से पौष्टिक आहार प्रदान कर सकें।

