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G7 leaders tackle reliance on China for critical minerals
G7 नेता चीन पर निर्भरता कम करने के लिए समावेशी रणनीति पर विचार कर रहे हैं
Ageing population and rising debt could push Tamil Nadu towards a fiscal trap, says White Paper
बढ़ती उम्रदराज आबादी और बढ़ता ऋण तामिलनाडु को आर्थिक जाल में फंसाने का खतरा: व्हाइट पेपर
Heatwaves and ozone together increase India’s cardiac deaths: study
भारत में गर्मी की लहर और ओजोन के कारण हृदय रोग से मौतों में वृद्धि: अध्ययन
‘Shrek 5’ trailer: Shrek and Donkey reunite for a new adventure
शेरेक 5 ट्रेलर: शेरेक और डंकी फिर साथ नए रोमांच के लिए
Hindu prayers made mandatory in Chhattisgarh’s State schools; govt imposing RSS agenda, says Congress
छत्तीसगढ़ के राज्य विद्यालयों में हिंदू प्रार्थनाएँ अनिवार्य; कांग्रेस ने कहा- सरकार आरएसएस एजेंडा लागू कर रही है
Glenmorangie’s single malt Scotch whisky, Lasanta, arrives in Kolkata
ग्लेनमोरांगी का सिंगल माल्ट स्कॉच व्हिस्की, लसांता, कोलकाता में लॉन्च
Stock markets extend rally in early trade on drop in crude oil prices
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के साथ स्टॉक मार्केट में तेजी जारी
Hoarding row erupts ahead of Rahul Gandhi’s Kota event, Gehlot alleges BJP ‘fear’
राहुल गांधी के कोटा कार्यक्रम से पहले होर्डिंग विवाद, गहलोत ने भाजपा पर ‘डर’ का आरोप लगाया
Recovery of Ebola patients offers rare moments of joy at epicentre of outbreak
इबोला मरीजों के ठीक होने से महामारी के केंद्र में मिल रहे हैं खुशी के अनमोल पल
Praggnanandhaa calls Norway Chess win biggest achievement after historic triumph

शतरंज के युवा स्टार प्रग्ग्नानंधा ने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में अपनी चौथी लगातार जीत के बाद इस खिताब को अपनी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है। इस जीत ने उन्हें न केवल प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया, बल्कि उनकी रणनीति और मानसिक मजबूती को भी विश्व स्तर पर मान्यता दिलाई है।

उन्होंने अपने प्रदर्शन में निरंतरता और समय प्रबंधन को सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी बताया। प्रग्ग्नानंधा ने कहा कि उन्होंने विशेष रूप से अपनी चालों के लिए समय का बेहतर उपयोग करना सीखा, जिससे वे दबाव में भी सही फैसले ले सके। यह नया दृष्टिकोण उन्हें लगातार चार मैच जीतने में मददगार साबित हुआ, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया।

यह खिताब न केवल उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय शतरंज के लिए भी गर्व का विषय है। प्रग्ग्नानंधा की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि युवा प्रतिभाएं सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से विश्व मंच पर अपनी छाप छोड़ सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह उपलब्धि भविष्य में भारतीय शतरंज को और नए मुकाम पर ले जाएगी। साथ ही, यह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि वे लगातार अभ्यास और मानसिक संतुलन बनाए रखें।

इस जीत के बाद प्रग्ग्नानंधा ने कहा, “मैंने अपनी रणनीति में जो सुधार किया है, खासकर समय प्रबंधन में, उससे मेरी गेम में विश्वास बढ़ा है। निरंतरता बनाकर रखना सबसे कठिन काम होता है, लेकिन इसकी मदद से मैंने इस शीर्ष स्थान तक पहुंचने में सफलता हासिल की।”

प्रग्ग्नानंधा की इस उपलब्धि से प्रेरित होकर कई युवा खिलाड़ी अब शतरंज को एक पेशेवर करियर के रूप में अपनाने के लिए उत्साहित हुए हैं। भविष्य में उनकी योजनाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़े टूर्नामेंट जीतना और भारतीय शतरंज को विश्व मानचित्र पर और ऊंचाईयों पर पहुंचाना शामिल है।

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