नई दिल्ली: मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए ज्यादा महिलाओं के गलत दवाओं का चयन करने का रुझान सामने आया है। सुपरमार्केट से मिले ताजा आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में महिलाएं ऐसी दर्द निवारक दवाएं खरीद रही हैं जो माहवारी के काल में होने वाले ऐंठन और दर्द के लिए अत्यंत प्रभावी नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सही दवा चुनने की जानकारी और जागरूकता की कमी के कारण इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
सुपरमार्केट्स में किए गए सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है कि अधिकांश महिलाएं सामान्य पेनकिलर्स का ही प्रायः उपयोग करती हैं, जबकि माहवारी के दर्द के लिए कुछ विशेष दवाएं अधिक प्रभावशाली होती हैं। ये विशेष दवाएं न केवल दर्द को तेजी से कम करती हैं, बल्कि शरीर को अतिरिक्त थकान और बेचैनी से भी बचाती हैं।
डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि पेनकिलर चुनते समय दवा के सक्रिय तत्वों को समझना अत्यंत आवश्यक है। उदाहरण के लिए, इबुप्रोफेन और नैप्रोक्सेन जैसी दवाएं माहवारी के दर्द में ज्यादा कारगर मानी जाती हैं क्योंकि ये सूजन को कम करती हैं, जबकि पैरासिटामोल मात्र दर्द को कम करने में सीमित प्रभाव डालता है।
स्वस्थ जीवनशैली और मासिक धर्म संबंधी उचित सलाह भी इस समस्या से लड़ने में मददगार साबित हो सकती है। महिलाओं को चाहिए कि वे दवा लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें और सही दवाओं का चुनाव करें। साथ ही, पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम भी माहवारी के दर्द को कम करने में सहयोगी होते हैं।
इस सर्वे से ये भी पता चलता है कि दवाईयों के चयन पर परिवार और दोस्तों का सुझाव भी महिला की पसंद को प्रभावित करता है। अतः जागरूकता अभियानों और डॉक्टरों द्वारा सही जानकारी देने की आवश्यकता महसूस होती है ताकि महिलाएं सही दवा और उपचार के विकल्प चुन सकें।
समग्र रूप से, माहवारी के दर्द के लिए प्रभावी और सही दर्द निवारक दवाओं का चयन महिलाओं के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है और उनके दैनिक जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं स्वयं को सही जानकारी से लैस करें और विशेषज्ञों से सहायता लेकर ही दवाओं का उपयोग करें।
