कोलकाता में व्हिस्की प्रेमियों के लिए एक खास मौका आया है। ग्लेनमोरांगी ने अपनी नई सिंगल माल्ट स्कॉच व्हिस्की, ‘लसांता’, का भव्य लॉन्च किया है। यह 15 वर्ष पुरानी व्हिस्की अपने विशेष शेर्री कैस्क्स में परिपक्व होने के कारण अपने अनोखे स्वाद और खुशबू के लिए जानी जाती है।
लसांता का मतलब होता है “आग” या “गर्मी” और यह नाम इसके समृद्ध और गहरे स्वाद के अनुरूप है। शेर्री बैरल में परिपक्वता के दौरान व्हिस्की को फल, मसाले और मीठे नोट मिलते हैं, जो इसे एक खास चरित्र देते हैं। ग्लेनमोरांगी के मास्टर ब्लेंडर ने बताया कि इस व्हिस्की को बनाते समय परंपरागत और आधुनिक तकनीकों का उपयोग हुआ है ताकि हर घूँट में गुणवत्ता और स्वाद का सही संतुलन मिले।
लसांता कोलकाता में व्हिस्की प्रेमियों के बीच तुरंत ही लोकप्रिय हो गई है। इस लॉन्च इवेंट में शहर के कई बारटेंडर, कन्फर्म्ड व्हिस्की कलेक्टर्स और खाद्य एवं पेय विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने लसांता की विशिष्टता, इसकी परिपक्वता प्रक्रिया और शेर्री बैरल के प्रभाव की सराहना की। इस लॉन्च के साथ ग्लेनमोरांगी ने कोलकाता के नाइटलाइफ़ और फाइन ड्रिंक मार्केट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की योजना बनाई है।
ग्लेनमोरांगी की यह नई पेशकश भारतीय और खासकर कोलकाता के व्हिस्की प्रेमियों के लिए नए अनुभव का द्वार खोलेगी, जो इसे न केवल एक पेय के रूप में, बल्कि एक कलाकृति के रूप में भी पसंद करेंगे। इस व्हिस्की को भारतीय बाजार में उपलब्ध कराकर ग्लेनमोरांगी ने अपने ब्रांड की पहुंच और प्रतिष्ठा दोनों को मजबूत किया है।
इस लॉन्च के ज़रिए यह भी स्पष्ट हो गया है कि परंपरा और नवाचार का सम्मिलन ही किसी भी पेय को विशिष्ट और यादगार बनाता है। लसांता की उपलब्धता से भारत में स्कॉच व्हिस्की प्रेमियों को एक अनूठा अवसर मिलेगा अपनी पसंदीदा ड्रिंक के स्वाद की बारीकियों को समझने का और नए अंदाज में इसका लुत्फ उठाने का।
