नई दिल्ली: सलमान खान की तरफ से दायर काला हिरण मामले की याचिका की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को हुई, जिसमें अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। यह याचिका फिल्म के निर्माण को लेकर दाखिल की गई थी, जिसमें अभिनेता के व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन का कथित आरोप लगाया गया था।
सलमान खान के वकील ने तर्क दिया कि इस फिल्म में उनके मुवक्किल के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन हुआ है जो कि 11 दिसंबर, 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एक आदेश के तहत संरक्षित हैं। वकील के अनुसार फिल्म में अभिनेता की इमेज को नुकसान पहुंचाने वाले अंश शामिल हैं, जो अदालत के आदेश के खिलाफ हैं।
दूसरी ओर, फिल्म निर्माताओं के वकील ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि फिल्म का कथानक पूरी तरह से काल्पनिक है और इसमें किसी भी व्यक्ति विशेष के व्यक्तित्व अधिकार का उल्लंघन नहीं हुआ है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि यह फिल्म स्वतंत्र कला की अभिव्यक्ति का हिस्सा है और संवैधानिक रूप से सुरक्षित है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विवादित फिल्म की रिलीज़ पर फिलहाल अस्थायी रोक लगाते हुए अगले सुनवाई तिथि 6 जुलाई निर्धारित की। कोर्ट ने दोनों पक्षों से अपनी दलीलें पूर्ण रूप से रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि मामले का न्यायसंगत समाधान निकाला जा सके।
सलमान खान और उनकी टीम का कहना है कि अभिनेता के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा आवश्यक है क्योंकि किसी भी फिल्म में उनके बिना अनुमति उनकी छवि का उपयोग गैरकानूनी है। वहीं, फिल्म निर्माता इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला मानते हैं। न्यायालय के फैसले का सभी पक्षों को बेसब्री से इंतजार है, जो इस विवाद को स्थिरता प्रदान करेगा।

