नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लागू करने की योजना बनाई है। इसके तहत वाहन मॉडलों की मंजूरी, खरीद और स्क्रैपिंग इंसेंटिव की प्रक्रिया सहित सभी संबंधित सेवाएं अब एक केंद्रीकृत पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। मंत्री द्वारा यह जानकारी देते हुए बताया गया कि इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना और वाहन मालिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है।
ईवी नीति के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य अब ऑनलाइन किए जाएंगे। इनमें नए ईवी मॉडल की मंजूरी, खरीद के दौरान मिलने वाले लाभों का प्रोसेसिंग, पुराने वाहनों का स्क्रैपिंग इंसेंटिव और योग्य वाहनों के लिए दी जाने वाली छूट शामिल हैं। इससे सरकारी कार्यालयों में लंबी कतारें समाप्त होंगी और सेवाओं की गति बढ़ेगी।
मंत्री के अनुसार, “हम चाहते हैं कि दिल्ली में ईवी सुधार जल्दी और प्रभावी ढंग से हो। पोर्टल के माध्यम से हितधारकों को एक छतरी के नीचे सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उत्तरदायित्व और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।” उन्होंने यह भी बताया कि पोर्टल को यूजर-फ्रेंडली बनाया जाएगा ताकि तकनीकी ज्ञान कम रखने वाले नागरिक भी आसानी से इसका उपयोग कर सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग ईवी नीति को सफल बनाने में एक अहम कदम होगा। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार और प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होगी। साथ ही, दिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी क्योंकि ईवी के उपयोग से वायु गुणवत्ता में सुधार संभव है।
इस पोर्टल के लॉन्च के बाद, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी जनता से अपील की है कि वे इसके माध्यम से पूरी प्रक्रिया में भाग लें और इस नई पहल को सफल बनाएं। यह पहल दिल्ली को स्वच्छ, हरित और स्मार्ट शहर बनाने की सरकार की योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अगले कुछ महीनों में पोर्टल की पूरी कार्यक्षमता शुरू होने की संभावना है, जिससे वाहन मालिक आसानी से अपने ईवी से जुड़े सभी काम ऑनलाइन निपटा सकेंगे। इससे दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने में निश्चित ही मदद मिलेगी और सरकार की पर्यावरण सुरक्षा व उद्देश्य पूर्ण होगा।

