Headline
UN, strapped for cash, warns time running out to make payments
संयुक्त राष्ट्र कोष संकट में, भुगतानों के लिए समय समाप्ति की चेतावनी
CBI questions former Trinamool MLA in R.G. Kar rape and murder case
सीबीआई ने आर.जी. कर बलात्कार एवं हत्या मामले में पूर्व तृणमूल विधायक से पूछताछ की
Indian Navy’s INS Trikand thwarts piracy attempt on merchant vessel in Gulf of Aden
भारतीय नौसेना के INS त्रिकंद ने अदन की खाड़ी में व्यापारी जहाज पर समुद्री डकैती की कोशिश नाकाम की
AMMA crisis: Actor Shwetha Menon says ‘will continue’ as president till next election
अम्मा संकट: अभिनेत्री श्वेता मेनन ने कहा ‘अगले चुनाव तक अध्यक्ष पद जारी रखूंगी’
'We will be front page news after this' - Tucker toasts 'absolutely incredible' Ireland effort
‘‘हम इसके बाद पहले पन्ने की खबर बनेंगे’’ – टकर ने आइरिश प्रयास को ‘पूरी तरह अद्भुत’ बताया
Nakshatras to Avoid for Borrowing Money, Loans & Financial Transactions
ऋण, उधारी और वित्तीय लेन-देन के लिए बचने योग्य नक्षत्र
Data analysis finds a common cricket wisdom may be a myth
डेटा विश्लेषण से पता चला कि क्रिकेट की एक सामान्य धारणा myth हो सकती है
Dongria Kondh of Niyamgiri: Where forests, food and faith shape daily life
नियामगिरि के डोंगरिया कोंध: जहां जंगल, भोजन और आस्था बनाते हैं रोज़मर्रा की ज़िन्दगी
Why is SpiceJet not operating from Chennai anymore? | Explained
स्पाइसजेट ने चेन्नई से अपनी सेवाएं क्यों बंद कर दीं? | पूरी व्याख्या
Over one million children referred for mental healthcare - with anxiety the main reason

लंदन, 27 अप्रैल 2024: इंग्लैंड में मानसिक स्वास्थ्य सेवा के लिए बच्चों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जो वर्तमान क्षमता से कहीं अधिक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एक मिलियन से अधिक बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए रिफर किया गया है, जिनमें से अधिकांश की वजह चिंता संबंधित समस्याएं हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की संख्या में वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ रही है, वहीं सेवाओं की उपलब्धता इस बढ़ती जरूरत को पूरा करने में नाकाफी साबित हो रही है। बच्चों को समय पर और प्रभावी सहायता न मिल पाने की वजह से उनकी पीड़ा और बढ़ सकती है। कुछ मामलों में तो बच्चों को सहायता मिलने में कई साल लग जाते हैं।

मेडिकल कमीशन की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इंग्लैंड के कई हिस्सों में बच्चों और किशोरों को मुरझाई सेवाओं, अर्थात् मानसिक स्वास्थ्य उपचार के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना करना पड़ता है। एहतियात के तौर पर समय पर मदद न पहुंच पाने से बच्चों के स्कूल प्रदर्शन, सामाजिक संबंध और आत्मविश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए कई पहलें शुरू की हैं, जैसे कि स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य समर्थन को बढ़ावा देना और कम उम्र के बच्चों के लिए विशेषज्ञ सेवाओं में निवेश करना। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अभी भी पर्याप्त नहीं हैं।

डॉक्टरों और मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की संख्या में कमी और संसाधनों की सीमाएं बच्चों की सेवा में बड़ी बाधाएं हैं। वे बच्चों और उनके परिवारों को बेहतर सहायता प्रदान करने के लिए और अधिक वित्त पोषण और प्रशिक्षण की मांग कर रहे हैं।

नतीजतन, विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए व्यवस्थित और दीर्घकालिक योजना बनाना आवश्यक है, ताकि वे समय पर उचित सहायता प्राप्त कर सकें और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हो सके।

यह स्थिति पेरेंट्स, शिक्षकों और चिकित्सा पेशेवरों के बीच जागरूकता बढ़ाने और सहयोग की जरूरत भी जताती है, ताकि बच्चों को सही समय पर सही मदद मिल सके।

अंततः, बाल मानसिक स्वास्थ्य संकट की जटिलताओं को समझना और उसको प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना समाज की प्राथमिकता बननी चाहिए, जिससे बच्चों का स्वस्थ और खुशहाल भविष्य सुनिश्चित हो सके।

Source