Headline
Trump says Greenland should be controlled by the US, not Denmark
ट्रम्प का दावा: ग्रीनलैंड अमेरिका के नियंत्रण में होना चाहिए, डेनमार्क नहीं
Tamil Nadu launches paperless Anywhere Registration for property deals from August 17
तमिलनाडु ने 17 अगस्त से प्रॉपर्टी डील के लिए पेपरलेस Anywhere रजिस्ट्रेशन लॉन्च किया
‘Resurrection’ movie review: Bi Gan’s ouroborosian odyssey through cinema is unlike anything else this decade
‘रेजरेक्शन’ मूवी रिव्यू: बाई गैन की सिनेमाई ओरोबोरोस यात्रा, दशकों में अनोखी
'Atrocious, awful, unacceptable' - Iyer on India's performance
‘भयंकर, भयानक, अस्वीकार्य’ – भारत के प्रदर्शन पर अय्यर की टिप्पणी
Inside the Nutcase Etc x Soka collaboration that reimagined Kolkata through cocktails
नटकैस एट्सी एक्स सोका के सहयोग से कोलकाता की रंगीन दुनिया को कॉकटेल के माध्यम से नया रूप दिया गया
55% teachers are women, girl student enrolment up: govt.
55% शिक्षक महिलाएं हैं, छात्रा नामांकन में वृद्धि: सरकार
What in the World
दुनिया में क्या हो रहा है
Mission Drishti, world’s first OptoSAR satellite from private Indian company, loses communication after solar storm
मिशन दृष्टि: भारत की निजी कंपनी का विश्व का पहला ऑप्टोएसएआर उपग्रह सौर तूफान के बाद संचार खो बैठा
Story of Bhasmasura – The Demon Destroyed by His Own Boon | Hindu Mythology
भस्मासुर की कहानी – स्वयं वरदान से नष्ट हुआ दानव | हिंदू Mythology
Trump says Greenland should be controlled by the US, not Denmark

वॉशिंगटन, 27 अप्रैल। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हाल के बयान ने डेनमार्क और नाटो सहयोगियों के साथ नई तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। ट्रम्प ने कहा है कि ग्रीनलैंड, जो कि वर्तमान में डेनमार्क का हिस्सा है, उसे अमेरिका के नियंत्रण में होना चाहिए। इस बयान के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल मची हुई है और विभिन्न देशों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

ट्रम्प ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब नाटो और डेनमार्क के साथ अमेरिका के संबंध मजबूत बनाए रखने के लिए कई संवेदनशील वार्ताएं जारी थीं। उन्होंने ग्रीनलैंड की भौगोलिक और सामरिक अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि यह द्वीप अमेरिका के हितों के लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा। यह बयान डेनमार्क सरकार द्वारा तुरंत खारिज कर दिया गया है और इसे ‘गलतफहमी’ करार दिया गया है।

डेनिश प्रधानमंत्री ने कहा, “ग्रीनलैंड डेनमार्क का अभिन्न हिस्सा है और कोई भी इसकी संप्रभुता पर सवाल नहीं उठा सकता।” नाटो के अन्य सदस्य देशों ने भी इस मुद्दे पर अमेरिका और डेनमार्क दोनों से शांति बनाए रखने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का आग्रह किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति के कारण यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इसके आसपास के समुद्री मार्ग और प्राकृतिक संसाधन विश्व के कई प्रमुख देशों की नज़र में हैं। इसलिए ऐसी टिप्पणियाँ क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए चुनौती पैदा कर सकती हैं।

हालांकि ट्रम्प के इस बयान के बाद अस्थायी तनाव जरूर बढ़ा है, मगर कई राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह बयान केवल राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद घरेलू राजनीति में समर्थन जुटाना है। डेनमार्क और नाटो के साथ अमेरिका के अच्छे संबंधों को देखते हुए दोनों पक्ष बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगे।

यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बनेगा, क्योंकि ग्रीनलैंड की नीति और उसकी सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर रणनीति बन रही है। विश्व राजनीति पर इसकी गहरी छाप पड़ सकती है, खासकर आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्ष के बीच।

Source