गुजरात सरकार ने हाल ही में अपनी नई डेटा सेंटर नीति का उद्घाटन किया है, जिसका उद्देश्य राज्य को डेटा सेंटर निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है। इस नीति के तहत अनुमानित ₹6 लाख करोड़ के निवेश को आकर्षित करने और 7.5 गीगावॉट (GW) बिजली क्षमता के विकास का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और आईटी अवसंरचना को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई नीति में निवेशकों को कई वित्तीय प्रोत्साहन और सब्सिडी प्रदान की गई हैं, जो डेटा सेंटर के विकास की लागत को कम करने में मदद करेंगी। इनमें प्रमुख हैं पूंजी सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, बिजली टैरिफ सब्सिडी, साथ ही SGST और बिजली शुल्क की प्रतिपूर्ति। इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य डेटा सेंटर परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करना और निवेशकों के लिए आकर्षक बनाना है।
इसके अतिरिक्त, नीति के तहत डीसालिनेशन प्लांट्स के निर्माण के लिए भी समर्थन दिया जाएगा ताकि पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, जो डेटा सेंटर संचालन के लिए बहुत आवश्यक है। साथ ही, स्टांप ड्यूटी में छूट भी प्रदान की जाएगी जिससे जमीन खरीदने संबंधी लागतें कम होंगी। यह कदम गुजरात को पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अग्रणी बनने में सहायता करेगा।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन किया जाए और डिजिटल इंडिया के सपनों को सच करने के लिए मजबूत आधार तैयार किया जाए। उन्होंने निवेशकों को प्रदेश में आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि गुजरात में सुविधाजनक भौगोलिक स्थिति, बुनियादी ढांचे की मजबूती और नीति समर्थन के कारण यह निवेश के लिए सबसे उपयुक्त जगह बन चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, डेटा सेंटर नीति से न केवल आईटी उद्योग को लाभ होगा बल्कि अन्य क्षेत्रों जैसे क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) और बड़े डेटा एनालिटिक्स में भी लाभ मिलेगा। यह नीति गुजरात को भारत के डिजिटल मैप पर एक महत्वपूर्ण हब बनाने की दिशा में योगदान देगी। आगामी वर्षों में इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार की वृद्धि से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार की यह पहल डिजिटल युग की मांग और वैश्विक प्रतियोगिता को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। गुजरात सरकार निरंतर अपने उद्योग और टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि राज्य की आर्थिक प्रगति में तेजी लाई जा सके।

