एमएसएसआरएफ अध्यक्ष ने आईआईएससी सम्म्मान समारोह में वर्चुअल संबोधन दिया
बेंगलुरु, [तारीख] – मंगलागिरी विज्ञान और सामाजिक सुधार प्रतिष्ठान (MSSRF) की अध्यक्ष सौम्या स्वामीनाथन ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के 2024 के वार्षिक कंवोकेशन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। समारोह में कुल 1,452 पीएचडी और मास्टर्स डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा 118 अंडरग्रेजुएट छात्रों को उनकी डिग्रियां प्रदान की गईं।
इस अवसर पर सौम्या स्वामीनाथन ने उच्च शिक्षा के महत्व और अनुसंधान के दायरे में समाज के प्रति उत्तरदायित्व पर बल दिया। उन्होंने कहा, “विश्वस्तरीय शिक्षा और अनुसंधान तभी सार्थक होते हैं जब वे समाज के विकास के लिए पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ संचालित हों। यह पहल युवा वैज्ञानिकों के लिए जिम्मेदारी है कि वे अपने ज्ञान को समाज के हित में सुनियोजित तरीके से लागू करें।”
आईआईएससी के निदेशक ने भी संबोधन करते हुए संस्थान की शिक्षण और शोध सुविधाओं की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पीएचडी तथा मास्टर्स के कुल 1,452 छात्र-छात्राएं सफलतापूर्वक अपनी डिग्रियां प्राप्त कर आगे बढ़ रहे हैं, जो संस्थान की गुणवत्ता और अनुसंधान के स्तर का परिचायक है। साथ ही, 118 स्नातक छात्रों को भी उनके प्रोजेक्ट कार्य एवं अकादमिक प्रदर्शन के आधार पर डिग्रियां प्रदान की गईं।
समारोह में विभिन्न विभागों के प्रमुख और शिक्षकों का भी स्वागत हुआ और छात्रों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर डिजिटल माध्यम से छात्रों तथा उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आईआईएससी का यह कंवोकेशन समारोह प्रत्येक वर्ष उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और शोध के महत्व को प्रदर्शित करता है। MSSRF अध्यक्ष का वर्चुअल संबोधन युवा शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बना और यह दर्शाता है कि शिक्षा और समाज के मध्य एक मजबूत सेतु स्थापित करना कितना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की वार्षिक संस्थागत घटनाएं भारतीय शिक्षा प्रणाली के विकास में नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करती हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती हैं।

