करूर के बाहरी इलाके में आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के इस भाषण के दो दिन बाद, विजय ने करूर में हुए भीड़ हादसे के पीड़ितों के लिए एक स्मारक बनाने की घोषणा की। उन्होंने इस भीषण दुर्घटना के लिए स्थानीय पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि चुनाव प्रचार के दौरान पुलिस ने उन्हें भीड़ के बारे में समय पर सूचित किया होता, तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी।
इस दुर्घटना का परिचय देते हुए, विजय ने कहा कि 27 सितंबर, 2025 को वेलुसम्यपुरम में आयोजित उनके चुनाव प्रचार के दौरान उत्पन्न हुई भीड़ ने दुर्भाग्यपूर्ण रूप से नियंत्रण खो दिया। उन्होंने कहा, “यदि पुलिस ने मुझे समय से सूचित किया होता, तो हम उचित कदम उठाकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते थे।”
विजय ने आगे यह भी बताया कि इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए प्रशासन को और अधिक सक्रिय और सजग रहना चाहिए। उन्होंने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सूचना का अभाव उन कारणों में से एक था जिसने इस भीषण हादसे को जन्म दिया।
उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उनकी हरसंभव सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि स्मारक का निर्माण न केवल उनकी याद को सम्मानित करेगा, बल्कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक जागरूकता का प्रतीक भी बनेगा।
स्थानीय अधिकारियों ने हालांकि इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और सुनिश्चित किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा है कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपायों में सुधार के लिए नई रणनीतियों को अपनाया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
करूर के इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है और प्रशासन की तत्परता तथा जवाबदेही पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बेहतर संचार और पूर्व सूचना प्रणाली किस हद तक महत्वपूर्ण है।
इस बीच, स्थानीय नागरिक भी ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घटना से जुड़ी खबरों और अपडेट्स को लेकर चर्चाएं कर रहे हैं और पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आर्थिक योगदान की अपील कर रहे हैं।
करूर की प्रशासनिक टीम ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले की गहराई से जांच करेंगे तथा सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। इस संदर्भ में, स्मारक का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जो पीड़ितों के सम्मान के साथ-साथ सार्वजनिक जागरूकता को भी बढ़ावा देगा।
विजय के इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में करूर की जनता को बेहतर सुरक्षा मिलेगी और प्रशासन भी अपनी जिम्मेदारियों को अधिक गंभीरता से लेगा।

