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भारत के रंगीन रास्ते पर | देश में क्वीर-केंद्रित वॉक को मिल रही है पहचान
Why hackathons teach more than classrooms
हैकाथॉन क्लासरूम से ज्यादा सिखाते हैं
Markets rally for second day; Sensex jumps over 800 points
बाजार में तीसरे दिन भी तेजी, सेंसेक्स 800 अंक से अधिक चढ़ा
'Endometriosis tests would have given me years back'
एंडोमेट्रियोसिस के परीक्षण मुझे वर्षों पहले मिल जाने चाहिए थे
US attacks Iran over ship being hit in Hormuz; Tehran lashes out at Gulf Arab states
अमेरिका ने हर्मुज में जहाज पर हमले को लेकर ईरान पर किया हमला; तेहरान ने गल्फ अरब राज्यों की कड़ी आलोचना की
Congress seeks SC-monitored probe into Ram temple ‘donation’ embezzlement
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Mandaviya to inaugurate seven ESI healthcare projects on Tuesday
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India bat; Harshit Rana, Varun Chakravarthy ruled out of the series
भारत की बल्लेबाजी; हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती सीरीज से बाहर
Congress seeks SC-monitored probe into Ram temple ‘donation’ embezzlement
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Young readers reflect a country’s future, says Home Minister Amit Shah

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि किसी देश का भविष्य उसकी लाइब्रेरी में युवाओं की उपस्थिति से जाना जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि जब लाइब्रेरी में युवा पाठक बड़ी संख्या में होते हैं, तो इसका अर्थ है कि देश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत है और वहाँ विकास के और भी बहुत से अवसर मौजूद हैं।

अमित शाह ने यह विचार एक सार्वजनिक कार्यक्रम में व्यक्त किया, जहाँ शिक्षा एवं युवा विकास पर चर्चा हो रही थी। उन्होंने जोर दिया कि पढ़ाई का महत्व सिर्फ स्कूल या कॉलेज के भीतर ही सीमित नहीं रहता, बल्कि एक पुस्तकालय में जाकर अतिरिक्त ज्ञान प्राप्त करना भी उतना ही आवश्यक है। यह कदम न केवल युवाओं के मानसिक विकास को प्रोत्साहित करता है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है।

गृह मंत्री ने कहा, “जब आप किसी भी देश की लाइब्रेरी में जाते हैं और वहाँ किताबों के बीच युवाओं को पढ़ते देखता है, तो आप समझ सकते हैं कि उस देश का भविष्य उज्ज्वल होगा। क्योंकि यह युवा ही हैं जो देश के विकास के लिए नई सोच और नवाचार लेकर आते हैं।”

उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि डिजिटल युग में भी पारंपरिक पुस्तकालयों का महत्व कम नहीं हुआ है। डिजिटल ज्ञान सुलभ है, परंतु पुस्तकों के प्रति लगाव और अध्ययन की आदत बनाने के लिए लाइब्रेरी एक प्रेरणादायक माहौल प्रदान करती है। इसीलिए सरकार द्वारा नौजवानों को पुस्तकालयों तक पहुंचने के लिए विभिन्न योजनाएँ चलायी जा रही हैं।

इस संदर्भ में अमित शाह ने युवाओं से अपील की है कि वे पुस्तकालयों का अधिकतम उपयोग करें और अपने ज्ञान के दायरे को विस्तृत करें। इससे न केवल उनका व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सशक्तता का विकास होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहल युवाओं की सोच को सकारात्मक दिशा देगी और देश में शिक्षा के प्रसार में मदद करेगी। लाइब्रेरी में युवाओं की उपस्थिति केवल शैक्षणिक प्रगति का संकेत ही नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक विकास का भी द्योतक है।

इस प्रकार, गृह मंत्री अमित शाह के ये विचार युवाओं की शिक्षा और विकास के महत्व को समझाने के साथ-साथ राष्ट्रीय क्रांति की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालते हैं। देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए युवाओं का सशक्त, शिक्षित और जागरूक होना अनिवार्य है।

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