‘Evil Dead Burn’ movie review: Sébastien Vaniček’s splattercraft is dragged into the grave by a necrotic screenplay

फ्रेंच हॉरर सिनेमा में अपनी खास पहचान बना चुकी फिल्म ‘एविल डेड बर्न’ ने हॉरर प्रेमियों के बीच एक अलग छाप छोड़ी है। इस फिल्म में रचनात्मक यथार्थवाद के साथ-साथ बेहद Graphic म्यूटिलेशन को दिखाया गया है, जो इसे अनूठा बनाता है। लेकिन, फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले में कुछ कमजोरियां देखने को मिली हैं, जो इसे पूरी तरह से सफल होने से रोकती हैं।

फिल्म को ‘फ्रेंच एक्सट्रीमिटी’ की श्रेणी में रखा जाता है, जो कि अपनी गोर और हिंसा के लिए जानी जाती है। ‘एविल डेड बर्न’ में इस शैली के कई तत्व प्रमुखता से दिखाए गए हैं, जिससे यह अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है। बावजूद इसके, कहानी और पात्रों के बीच तालमेल की कमी ने इसे एक सीमित अनुभव बना दिया है।

फ्रेंच एक्सट्रीम हॉरर और लगभग सर्वश्रेष्ठ फ्रैंचाइज़ी फिल्मों के बीच यह फिल्म कहीं बीच में फंस गई है। इसकी पटकथा न तो पूरी तरह से सशक्त है और न ही पात्रों का विकास कथानक के अनुरूप है। यह बात फिल्म के प्रभाव को कमजोर कर देती है और दर्शकों को पूरी तरह फिल्म से जुड़ने का मौका नहीं मिल पाता।

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके ग्राफिक इफेक्ट्स और विनाशकारी दृश्य हैं जो इसे हॉरर प्रेमियों के लिए खास बनाते हैं। हर म्यूटिलेशन दृश्य को अत्यंत सूक्ष्मता और रचनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, इन दृश्यो का अधिक होना कभी-कभी कहानी के प्रवाह को बाधित कर देता है।

संक्षेप में कहा जा सकता है कि ‘एविल डेड बर्न’ अपनी स्प्लैटरक्राफ्ट के लिए सराहनीय है, लेकिन इसके कमजोर पटकथा और चरित्र विकास ने इसे पूरी तरह से सफल होने से रोक दिया है। यह फिल्म उन दर्शकों के लिए उपयुक्त है जो फ्रेंच हॉरर शैली के कट्टर प्रशंसक हैं और जो फ्रैंचाइज़ी की नई दिशा की तलाश में हैं।

अंततः ‘एविल डेड बर्न’ एक साहसिक प्रयास है जो अपने अजीबोगरीब और हिंसक दृष्टिकोण के कारण यादगार रहेगा, भले ही यह पूरी तरह से कामयाब न हो। हॉरर शैलियों में नए प्रयोगों को आगे बढ़ाने के लिए यह फिल्म महत्वपूर्ण मानी जाएगी।

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