मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र सरकार ने सिंधुदुर्ग जिले में एक ₹150 करोड़ की इलेक्ट्रिक बोट निर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए जोया मरीन सर्विसेज के साथ एक समझौता किया है। यह निर्माण केंद्र विशेष रूप से मुंबई के ₹6,067 करोड़ के वॉटर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए उच्च गुणवत्ता वाली इलेक्ट्रिक नावें तैयार करेगा।
मुंबई वॉटर मेट्रो, जो देश का प्रथम इलेक्ट्रिक जल परिवहन नेटवर्क है, शहर की व्यस्त सड़क यातायात को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के मकसद से शुरू किया गया है। इस परियोजना के तहत, इलेक्ट्रिक नावों का फ्लीट तैयार किया जाएगा जो यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तेज़ और पर्यावरण के अनुकूल ढंग से यात्रा करने की सुविधा देगा।
सिंधुदुर्ग में स्थापित यह नया निर्माण केंद्र स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा और समुद्री तकनीक के क्षेत्र में महाराष्ट्र की उद्योग क्षमता को बढ़ावा देगा। जोया मरीन सर्विसेज, जो कि जल परिवहन क्षेत्र में विशेषज्ञता रखती है, इस प्रोजेक्ट के माध्यम से अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक नावें बनाएगी जो उच्च दक्षता और टिकाऊपन की गारंटी देंगी।
महाराष्ट्र सरकार ने इस पहल को राज्य की आर्थिक और तकनीकी प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। राज्य के उद्योग मंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल पर्यावरण के अनुकूल तकनीक को बढ़ावा देगी, बल्कि सिंधुदुर्ग सहित अन्य क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहित करेगी।
वॉटर मेट्रो मुंबई की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रहा है और इसके लिए नावों का स्थानीय उत्पादन करना इसे और भी आत्मनिर्भर बनाएगा। इससे मेट्रो की लागत प्रभावशीलता भी बढ़ेगी और संचालन में सुधार होगा।
इस परियोजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और भविष्य की योजनाएं जल्द ही मीडिया के साथ साझा की जाएंगी। महाराष्ट्र सरकार और जोया मरीन सर्विसेज के इस संयुक्त प्रयास से देश में जल परिवहन क्षेत्र की नई मिसाल स्थापित होने की उम्मीद है।

