इज़राइल और भारत के बीच तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नई पहल ‘ड्रिष्टी 2.0’ को हाल ही में लॉन्च किया गया है। यह कदम दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्व माना जा रहा है। इस पहल के माध्यम से इज़राइल अपने वैश्विक बाजारों में विशेष रूप से भारत जैसे महत्वपूर्ण देशों में अपनी पहुंच और प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
ड्रिष्टी 2.0 का उद्देश्य भारत में तकनीकी नवाचारों को प्रोत्साहित करना और दोनों देशों के वैज्ञानिक, व्यवसायिक और सरकारी संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत बनाना है। यह परियोजना वैश्विक साझेदारियों के विस्तार की एक निरंतर प्रक्रिया है, जो इज़राइल की रणनीति का हिस्सा भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से भारत और इज़राइल के बीच स्मार्ट सिटी, कृषि प्रौद्योगिकी, सैन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी। दोनों देशों ने पहले भी इन क्षेत्रों में कई सफल परियोजनाओं को अंजाम दिया है, और ड्रिष्टी 2.0 उनके संवाद और संयुक्त प्रयासों को और प्रभावी बनाएगा।
इज़राइल के विदेश मंत्रालय और भारत के संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए दक्षिण एशिया के बाजार में विशेष फोकस है। इस पहल के तहत सम्मेलनों, कार्यशालाओं और टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिससे दोनों देशों के उद्योग और अनुसंधान संस्थान सीधे जुड़ सकेंगे।
विश्लेषकों के अनुसार, ड्रिष्टी 2.0 से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को भी लाभ मिलेगा क्योंकि तकनीकी नवाचार आदान-प्रदान से नई नौकरियों का सृजन होगा और उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, यह पहल क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा सहयोग को भी मजबूत करेगी, जो वैश्विक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत-इज़राइल तकनीकी साझेदारी वर्षों से लगातार बढ़ रही है और द्विपक्षीय संबंध विशेष रूप से रक्षा और कृषि क्षेत्रों में काफी गहरे हुए हैं। ड्रिष्टी 2.0 इस साझेदारी को और मजबूत करते हुए, नवाचार और विकास में एक नए युग की शुरुआत करने को तैयार है।

