जम्मू-कश्मीर के पूंछ और राजौरी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। भू-स्खलन और बाढ़ की संभावना के मद्देनजर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से निरंतर बरसात जारी है, जिससे क्षेत्र की नदियाँ उफान पर हैं और कई जगह रास्ते बंद हो गए हैं। इस स्थिति ने बचाव और राहत कार्यों को भी प्रभावित किया है।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण इलाके के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं होने लगी हैं, जिससे गांवों और मुख्य मार्गों तक पहुंच मुश्किल हो गई है। प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री की आपूर्ति जारी है। हालांकि भारी बारिश ने खोज और बचाव कार्यों को धीमा कर दिया है, लेकिन राहत कार्यों को तेज करने की कोशिशें जारी हैं।
राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जनता को प्राकृतिक खतरे से बचने के लिए सजग रहना होगा। त्यांनी नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी और नाले के किनारे न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। विभाग ने जल्द ही मौसम में सुधार आने की उम्मीद जताई है, ताकि बचाव कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें।
मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। इस कारण निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं और भू-स्खलन की घटनाएं अधिक हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की हिदायत दी है।
इस बीच, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम मिलकर प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। उन्होंने कहा है कि वे लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं। रायता की सक्रियता और सहयोग से ही इस विपदा का सामना किया जा सकता है।
स्थानीय निवासियों ने भी अपने स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और प्रभावित लोगों की सहायता करने का संकल्प लिया है। क्षेत्र में भारी बारिश की वजह से उत्पन्न हालात पर हर नजर बनी हुई है और प्रशासन व नागरिक दोनों मिलकर संकट से निपटने में लगे हैं।

