मंडी। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में आगामी दो दिनों के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। सोमवार को चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में तथा मंगलवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में फिलहाल भी बादल गहराने लगे हैं और शुक्रवार से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था जो आने वाले दिनों में तेज होने की संभावना है। भारी बारिश के चलते प्रशासन ने कांगड़ा जिले के शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है। जिले के सभी स्कूल व कॉलेज मंगलवार तक बंद रहेंगे ताकि छात्रों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मौसम केंद्र के निदेशक श्री राजेश कुमार ने बताया कि पूर्वानुमान के अनुसार मानसून की सक्रिय गतिविधियों के कारण इन क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और कभी-कभी ओलावृष्टि भी होने की संभावना है। इसलिए लोगों से आग्रह है कि वे अनावश्यक साहसिक गतिविधि से बचें और बाढ़ या भूस्खलन से सावधान रहें।
प्रशासन द्वारा यात्रियों और नागरिकों के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही स्थानीय लोगों को नदी के किनारे नहीं जाने, खाली मैदानों में अधिक समय बिताने से बचने तथा बारिश के दौरान आवश्यक बचाव सामग्रियों को तैयार रखने की सलाह दी गई है।
इस मौसम के कारण मंडी, कांगड़ा, चंबा और सिरमौर समेत अन्य जिलों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर विशेष सतर्कता बरती है। आपदा प्रबंधन विभाग भी हर वक्त रेडीमेड रहकर स्थिति पर निगरानी रखे हुए है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 से 72 घंटे काफी महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि मानसून की सक्रियता अधिक रहने से कई इलाकों में लगातार भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे नदियों में जलस्तर बढ़ सकता है। इस दौरान स्थानीय प्रशासन, पुलिस, आपदा नियंत्रण दल व स्वास्थ्य विभाग सतर्क हैं ताकि आपात स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
इस बीच, आम जनता से भी अपील की गई है कि वे नियमित तौर पर मौसम संबंधी एडवाइजरी पर नज़र रखें और अनावश्यक भ्रम या अफवाहों से दूर रहें। साथ ही, यदि आपातकालीन स्थिति उत्पन्न हो तो संबंधित निकटतम अधिकारियों एवं हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करें।
यह बारिश हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी भी हो सकती है क्योंकि यह जिले की जल आपूर्ति और कृषि के लिए महत्वपूर्ण है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के इस चरण में होने वाली बारिश से फसलों को लाभ मिलेगा और क्षेत्र में जल संरक्षण भी बढ़ेगा।
उपरोक्त परिस्थितियों के मद्देनजर नागरिकों को सतर्क और संयमित रहने की आवश्यकता है ताकि वे और उनका परिवार सुरक्षित रह सके। प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जनता के सहयोग की उम्मीद रखते हैं।

