Headline
Maharashtra: बदलापुर कांड के बाद शिंदे सरकार का बड़ा फैसला, स्कूलों में CCTV अनिवार्य; 1 सितंबर से मिलेगा आत्मरक्षा प्रशिक्षण
Box Office Collection: दुनियाभर में छाई ‘Jana Nayagan’, वहीं ‘Dhamaal 4’ भी कर रही ताबड़तोड़ कमाई; जानें दोनों फिल्मों का हाल
PM Modi in Andhra Pradesh: ‘पहले हवाई अड्डों के नाम सिर्फ एक ही परिवार पर रखे जाते थे’, विजयनगरम से विपक्ष पर निशाना
Paper Leak Law: राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद परीक्षा संशोधन कानून लागू, दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना
गाजा में शांति की उम्मीद या नई रणनीति? हमास हथियार छोड़ने को तैयार, लेकिन इजरायल की चुप्पी से बढ़ा सस्पेंस
अमेरिका-ईरान तनाव बरकरार, फिर भी होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ी जहाजों की आवाजाही; 90 डॉलर के आसपास बना हुआ है कच्चा तेल
PM Kisan Yojana: 2031 तक जारी रहेगी योजना, 3.15 लाख करोड़ की मंजूरी; जानें 24वीं किस्त कब आ सकती है
Kuldeep Yadav: जिस स्पिनर को टीम इंडिया में नहीं मिल रहा मौका, वही इंग्लैंड में मचा रहा कहर; बेन स्टोक्स भी हुए फिरकी का शिकार
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: गोरखपुर के जिला अस्पताल से अपहृत 10 वर्षीय बालिका के दुष्कर्म और हत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। अब तक पुलिस गला दबाकर हत्या की आशंका जता रही थी, लेकिन चिकित्सकीय जांच में सामने आया है कि आरोपित ने बालिका के शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए थे। रिपोर्ट के अनुसार जंघा, पेट और जबड़े पर गंभीर घाव मिले हैं, जिनसे अंदरूनी अंग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने अपनी रिपोर्ट में इन चोटों का विस्तृत उल्लेख किया है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये सभी चोटें बालिका के जीवित रहते पहुंचाई गई थीं या मृत्यु के बाद। इस संबंध में चिकित्सकों और फोरेंसिक विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है, ताकि विवेचना को और मजबूत बनाया जा सके। जांच अधिकारियों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए नए तथ्यों से अभियोजन पक्ष को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलेंगे। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार की बरामदगी को प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए आरोपित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि पुलिस चिकित्सकीय साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए जांच समेत सभी वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी से केस और मजबूत होगा तथा अदालत में प्रभावी ढंग से साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

हरारे, जिम्बाब्वे

भारत और जिम्बाब्वे के बीच हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे पहले टी20 मुकाबले में भारतीय क्रिकेट को एक नया तेज गेंदबाज मिला। राजस्थान के युवा पेसर अशोक शर्मा ने टीम इंडिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। आईपीएल 2026 में अपनी तेज रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करने वाले अशोक को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया था और चयनकर्ताओं ने उन्हें पहले ही मैच में डेब्यू का मौका देकर उनके प्रदर्शन पर भरोसा जताया।

अशोक शर्मा का जन्म 17 जून 2002 को राजस्थान में हुआ था। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया। अपनी तेज गेंदबाजी, अतिरिक्त उछाल और नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता के कारण वह जल्द ही चयनकर्ताओं की नजर में आ गए। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें आईपीएल में खेलने का अवसर मिला, जहां उन्होंने अपनी गति से अलग पहचान बनाई।

आईपीएल में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए अशोक शर्मा ने 2026 सीजन में अपनी रफ्तार का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने टूर्नामेंट की सबसे तेज गेंद फेंककर सुर्खियां बटोरीं। हालांकि आईपीएल में यह उनका पहला फ्रेंचाइजी अनुभव नहीं था। इससे पहले वह कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के साथ जुड़े रहे, लेकिन दोनों टीमों में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। आखिरकार गुजरात टाइटंस ने उन्हें मौका दिया और पंजाब किंग्स के खिलाफ उन्होंने अपना आईपीएल डेब्यू किया।

करियर के आंकड़ों पर नजर डालें तो अशोक शर्मा ने अब तक 16 टी20 मैचों में 28 विकेट हासिल किए हैं। चार प्रथम श्रेणी मुकाबलों में उनके खाते में 14 विकेट दर्ज हैं, जबकि आठ लिस्ट-ए मैचों में भी उन्होंने 14 विकेट अपने नाम किए हैं। आईपीएल में गुजरात टाइटंस के लिए छह मुकाबले खेलते हुए उन्होंने छह विकेट हासिल किए। उनकी निरंतर 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार और आक्रामक गेंदबाजी शैली उन्हें भविष्य का संभावनाशील तेज गेंदबाज बनाती है।

जिम्बाब्वे दौरे के लिए पहली बार टीम इंडिया में चुने गए अशोक शर्मा को पहले ही मुकाबले में डेब्यू कैप सौंपी गई। कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और युवा तेज गेंदबाज को नई जिम्मेदारी दी। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह अपनी गति और अनुशासित लाइन-लेंथ के दम पर विपक्षी बल्लेबाजों को चुनौती देंगे।

भारत की प्लेइंग इलेवन में वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, अशोक शर्मा और मयंक यादव शामिल हैं। वहीं जिम्बाब्वे की कमान अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा के हाथों में है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय टीम लगातार युवा तेज गेंदबाजों को अवसर देकर भविष्य की मजबूत गेंदबाजी इकाई तैयार कर रही है। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और अन्य अनुभवी गेंदबाजों के बाद अब अशोक शर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों पर भी नजरें रहेंगी। यदि वह घरेलू क्रिकेट और आईपीएल की तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव छोड़ने में सफल रहते हैं तो भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को आने वाले वर्षों में नई मजबूती मिल सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *