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Why ESIC decided to directly run new hospitals: The West Bengal trigger
ईएसआईसी ने नए अस्पताल सीधे चलाने का फैसला क्यों किया: पश्चिम बंगाल की ट्रिगर
As countries urbanise, 38% of world's population will live in large cities by 2100: Study
जैसे-जैसे देश शहरीकरण की ओर बढ़ेंगे, 2100 तक दुनिया की 38% आबादी बड़े शहरों में रहेगी: अध्ययन
'Disbelief' in India camp after a failure to adapt to 'fantastic' Ireland
भारत के कैंप में ‘आश्चर्य और असमंजस’ ने लिया जन्म, ‘शानदार’ आयरलैंड के खिलाफ अनुकूलन में नाकामी
Only 10.2% women fielded in 20 Assembly polls since passage of women’s Bill in 2023: report
सिर्फ 10.2% महिलाएं ही मैदान में उतरीं, 2023 में महिला विधेयक पारित होने के बाद 20 विधानसभा चुनावों में: रिपोर्ट
Through The Magnificent Life, artist Rajesh RV imagines a world of harmony and hope
महान जीवन के माध्यम से, कलाकार राजेश आरवी ने सौहार्द और उम्मीद की दुनिया की कल्पना की
Ancient Aaykkudi Temple Discovered in Vizhinjam | Kerala Temple History
विजीनजं में प्राचीन अय्यकुडी मंदिर की खोज | केरल मंदिर इतिहास
It’s a bad idea to scratch bug bites, research says
कीट के काटने पर खुजलाना एक गलत कदम है, शोध में बताया गया
What decides your height?
क्या निर्धारित करता है आपकी ऊंचाई
Why is pregnancy sickness drug not easily accessible to all?
गर्भावस्था के दौरान बीमारी की दवा सभी के लिए उपलब्ध क्यों नहीं है
The Hormuz digital chokepoint: How does Iran war threaten subsea cables?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जिसे एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है, न केवल तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार के लिए बल्कि वैश्विक संचार नेटवर्क के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस जलडमरूमध्य के समुद्र तल में कई फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाए गए हैं, जो भारत और दक्षिण पूर्व एशिया से लेकर गल्फ देशों और मिस्र होते हुए यूरोप को जोड़ते हैं। ये केबल्स इंटरनेट और संचार का आधार हैं, जिनके माध्यम से करोड़ों लोगों और दुनियाभर के कारोबार अपनी जानकारी आदान-प्रदान करते हैं।

हालांकि, हाल के राजनीतिक तनाव और ईरान की संभावित किसी भी युद्ध छिड़ने की स्थिति ने इन समुद्री केबल्स की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति अनिश्चित होती है, तो यह डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर अति गंभीर खतरे में पड़ सकता है। समुद्र के नीचे बिछी केबल्स को क्षतिग्रस्त करने या व्यवधान पैदा करने पर वैश्विक संचार में भारी बाधाएं आ सकती हैं, जो न केवल क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियां बढ़ाएंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में समुद्री केबल सुरक्षा एक बहुत जटिल मामला है क्योंकि ये केबल पानी की गहराई और समुद्र के प्राकृतिक परिवर्तनों के कारण तकनीकी रूप से संवेदनशील होते हैं। साथ ही, यदि ईरानी क्षेत्र में युद्ध या तनाव बढ़ता है, तो समुद्र में सैन्य और रणनीतिक गतिविधियों का प्रभाव इन केबलों तक पहुंचने या उन्हें बाधित करने के खतरे को बढ़ा सकता है।

इसके अतिरिक्त, ये फाइबर ऑप्टिक केबल केवल डिजिटल डाटा ट्रांसमिशन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक, सैन्य और सरकारी संचार के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, इनवोलेट्री या मंशापूर्वक किसी भी नुकसान से न केवल क्षेत्रीय बल्कि विश्वभर के संचार नेटवर्क प्रभावित हो सकते हैं।

सरकारें और अंतरराष्ट्रीय संगठन इस पर लगातार नजर रख रहे हैं और केबल सुरक्षा के लिए उपाय विकसित कर रहे हैं। डिजिटल चोकप्वाइंट के सुरक्षा प्रबंध में उच्च स्तरीय कूटनीति, तकनीकी निवेश और सहयोग आवश्यक है ताकि वैश्विक इंटरनेट की निर्बाधता बनी रहे।

संक्षेप में, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्र तले बिछे फाइबर ऑप्टिक केबल्स वैश्विक डिजिटल नेटवर्क के रीढ़ की हड्डी हैं। इन पर ईरान में संभावित युद्ध से उत्पन्न खतरे ने वैश्विक समुदाय को सतर्क कर दिया है। समुचित सुरक्षा और संयम से ही इन महत्वपूर्ण कनेक्शनों को अक्षुण्ण रखा जा सकता है, जो आज के युग में आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा का अनिवार्य हिस्सा हैं।

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