नई दिल्ली: एक हाल ही में प्रकाशित 927 पृष्ठों की एथिक्स फाइलिंग से पता चला है कि 2025 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सबसे बड़ी आय स्रोत क्रिप्टो से जुड़ी कंपनियां थीं, जिनमें मेमकॉइन रॉयल्टी और डिजिटल एसेट्स शामिल हैं। इस व्यापक दस्तावेज़ के अनुसार, ट्रम्प ने अपने क्रिप्टो वेंचर्स से कम से कम 1.4 बिलियन डॉलर की कमाई हासिल की है।
इस फाइलिंग को देखकर यह स्पष्ट होता है कि वित्तीय कारोबारों में उनकी सबसे प्रमुख हिस्सेदारी डिजिटल क्षेत्र में थी। मेमकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली रॉयल्टी भुगतान उनके लिए एक बड़ा लाभदायक माध्यम रही। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की आय स्रोत पर ट्रम्प की पकड़ बेशुमार रही है, जो आमतौर पर पारंपरिक राजनीतिक आय से अलग मानी जाती है।
क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट्स का बाज़ार लगातार बढ़ रहा है, और कई निवेशक इस क्षेत्र में भारी लाभ कमाने के लिए जुटे हुए हैं। ट्रम्प की यह कमाई भी इस बात का प्रमाण है कि वे इस उभरते हुए क्षेत्र में सक्रिय थे। फाइलिंग में ये भी दिखाया गया है कि उनकी आय का बड़ा हिस्सा डिजिटल वर्चुअल करेंसी और संबंधित तकनीकों से आया, जो 2025 में उनकी कुल आय का बड़ा हिस्सा था।
यह फाइलिंग एक समय में आई है जब दुनिया भर के कई देश क्रिप्टोकरेंसी के नियमन को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। ट्रम्प की यह आय इस दिशा में निवेश और कारोबार की बढ़ती प्रवृत्ति का संकेत देती है। हालांकि, इस आय के स्रोत और तरीके पर कई सवाल भी उठ सकते हैं, विशेषकर औपचारिक रिपोर्टिंग के संदर्भ में।
विश्लेषकों के अनुसार, ट्रम्प द्वारा क्रिप्टो संबंधी व्यवसायों में भारी निवेश करने की रणनीति उनके वित्तीय पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करती है, जिससे उनकी कमाई के नए द्वार खुले हैं। इसके अलावा, यह जानकारी यह भी साबित करती है कि राजनीतिक जीवन के बाद उन्होंने अपने व्यावसायिक क्षेत्र को किस प्रकार विकसित किया।
इस फाइलिंग की पूरी जांच हो रही है, और इससे जुड़े अन्य विवरण भी सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। वर्तमान में, उपलब्ध तथ्य यह संकेत देते हैं कि क्रिप्टो वेंचर्स ने ट्रम्प के वित्तीय रिकॉर्ड में गंभीर योगदान दिया है। यह घटना क्रिप्टो क्षेत्रों के आर्थिक प्रभाव और वैश्विक वित्तीय प्रणाली में उनकी भूमिका को एक नया आयाम दे सकती है।

