चेन्नई, 27 अप्रैल: अंबरस्थ में आयोजित “आभरणम्” कार्यक्रम में 18 कुशल कलाकार अपनी पारंपरिक कलाकृतियों को आधुनिक घरों में उपयोगी वस्तुओं के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। यह प्रदर्शनी भारतीय विरासत वस्त्रों, रसोई के उपकरणों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं को contemporary घरों की जरूरतों के साथ जोड़ती है।
आभरणम् प्रदर्शनी में शामिल कारीगरों ने अपनी विशिष्ट कलात्मक शैली के माध्यम से लोककला को आज के जीवनशैली के अनुरूप ढालने का प्रयास किया है। यहां हस्तशिल्प की विविधता देखने को मिलती है, जिसमें पारंपरिक हथकरघा से बने वस्त्र, हाथ से बनाए गए बर्तन और उपयोगी घरेलू उपकरण शामिल हैं।
इस प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल शिल्पकला का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को जीवन में एक नई भूमिका देना भी है। अंबरस्थ के क्यूरेटर ने बताया कि यह आयोजन शिल्पकारों को नई संभावनाएं प्रदान करता है और उनके कार्य को व्यापक बाजार तक पहुंचाने में मदद करता है।
साथ ही, इस आयोजन से लोगों के बीच हस्तशिल्प वस्तुओं के महत्व और उनकी स्थिरता को लेकर जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलती है। प्रदर्शनी में आए दर्शकों ने पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन के मिश्रण की तारीफ की है, जो उनके घरेलू सजावट और उपयोगिता दोनों को बढ़ावा देती है।
इस तरह के आयोजन न केवल कारीगरों के लिए बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के नए रास्ते खोलते हैं। चेन्नई शहर में आयोजित यह अन्वय प्रदर्शनी भारतीय शिल्पकला की अनूठी छवि को समकालीन जीवन से जोड़ती है, जो आने वाले दिनों में और भी व्यापक पैमाने पर फैलने की संभावना रखती है।

