नई दिल्ली: तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगातार वृद्धि के बीच पेट्रोल और डीजल के भाव में आज देशव्यापी उसर से ₹2.61 से ₹2.71 प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि लगभग दो सप्ताह में चौथी बार आई है, जिससे उपभोक्ताओं पर तेल की बढ़ती कीमतों का दबाव और भी बढ़ गया है।
राज्य संचालित ईंधन विक्रेता कंपनियों ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को सीधे उपभोक्ताओं तक स्थानांतरित किया है। इससे पहले भी पिछले दो सप्ताह के दौरान कई बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। कुल मिलाकर इस अवधि के दौरान पेट्रोल-डीजल के भाव लगभग ₹7.5 प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें वैश्विक बाजार में मजबूत मांग और सप्लाई श्रृंखला में रुकावटों के कारण बढ़ रही हैं, जो सीधे घरेलू तेल कीमतों में इजाफा कर रही हैं। इस बढ़ोतरी से आम जनता और परिवहन क्षेत्र पर महंगाई का भारी असर पड़ रहा है।
सरकार ने फिलहाल ईंधन पर लगने वाले उत्पाद शुल्कों और करों में कोई कमी नहीं की है, जिससे इस समस्या का तत्काल समाधान नहीं निकला है। तेल कंपनियों को अक्सर अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव के आधार पर तुरंत कीमतें समायोजित करनी होती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक कीमत का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि उपभोक्ताओं को बचत के लिए सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करना चाहिए और सरकार से भी विकल्प ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की अपेक्षा की जा रही है ताकि ईंधन की मांग और कीमतों पर नियंत्रण पाया जा सके।
इस समय वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, जिससे ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। उपभोक्ताओं को ऐसे समय में आवश्यकतानुसार महत्वपूर्ण कदम उठाने की सलाह दी जाती है।

