Headline
സമ്പൂർണ്ണാവതാര നമസ്‌കാരം Vishnu Sampoorna Avathara Namaskaram Lyrics
संपूर्णावतार नमस्कारम: विष्णु के दस अवतारों के भजन歌词
UN, strapped for cash, warns time running out to make payments
संयुक्त राष्ट्र कोष संकट में, भुगतानों के लिए समय समाप्ति की चेतावनी
CBI questions former Trinamool MLA in R.G. Kar rape and murder case
सीबीआई ने आर.जी. कर बलात्कार एवं हत्या मामले में पूर्व तृणमूल विधायक से पूछताछ की
Indian Navy’s INS Trikand thwarts piracy attempt on merchant vessel in Gulf of Aden
भारतीय नौसेना के INS त्रिकंद ने अदन की खाड़ी में व्यापारी जहाज पर समुद्री डकैती की कोशिश नाकाम की
AMMA crisis: Actor Shwetha Menon says ‘will continue’ as president till next election
अम्मा संकट: अभिनेत्री श्वेता मेनन ने कहा ‘अगले चुनाव तक अध्यक्ष पद जारी रखूंगी’
'We will be front page news after this' - Tucker toasts 'absolutely incredible' Ireland effort
‘‘हम इसके बाद पहले पन्ने की खबर बनेंगे’’ – टकर ने आइरिश प्रयास को ‘पूरी तरह अद्भुत’ बताया
Nakshatras to Avoid for Borrowing Money, Loans & Financial Transactions
ऋण, उधारी और वित्तीय लेन-देन के लिए बचने योग्य नक्षत्र
Data analysis finds a common cricket wisdom may be a myth
डेटा विश्लेषण से पता चला कि क्रिकेट की एक सामान्य धारणा myth हो सकती है
Dongria Kondh of Niyamgiri: Where forests, food and faith shape daily life
नियामगिरि के डोंगरिया कोंध: जहां जंगल, भोजन और आस्था बनाते हैं रोज़मर्रा की ज़िन्दगी
Lobbying peaks ahead of Shivakumar’s swearing-in as cabinet puzzle awaits new CM

कर्नाटक की राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है क्योंकि नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से पहले मंत्रिमंडल के गठन को लेकर सियासी दल सक्रिय हो गए हैं। भारतीय संविधान के तहत कर्नाटक में मंत्रिमंडल के आकार की सीमा कुल सदन के 15 प्रतिशत तक ही हो सकती है, जिसका मतलब है कि कर्नाटक में अधिकतम 35 सदस्यीय मंत्रिमंडल ही बनाया जा सकता है। यह सीमा वर्तमान में राजनीतिक दलों और मुख्यमंत्री के लिए एक महत्वपूर्ण पैरामीटर साबित हो रही है।

वर्तमान में चल रही चर्चाओं के अनुसार, राज्य में नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन शिवकुमार के मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी की अंदरूनी बयानबाजी तेज हो चुकी है। लाबींग के दौर में कई दिग्गज नेता अपने समर्थकों को मंत्रिपद दिलाने के लिए जोर-शोर से लगे हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि इस बार मंत्रीमंडल के गठन में पक्ष व विपक्ष के ताकतवर नेताओं के बीच संतुलन बनाना राज्यपाल की प्राथमिकता होगी।

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि कर्नाटक की सरकार में गठबंधन की मजबूती बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री को नए मंत्रियों के चयन में क्षेत्रीय और जातीय संवेदनाओं का भी ध्यान रखना होगा। इसके साथ ही, वर्तमान सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी माहौल को ध्यान में रखते हुए मंत्रिपद पर नामित नेताओं का कद भी महत्वपूर्ण होगा।

शासन व्यवस्था की दक्षता और टीम की सामंजस्य पर भी सभी की निगाहें बनी हुई हैं क्योंकि आगामी बजट सत्र और विकास कार्यों में मंत्रिमंडल की भूमिका निर्णायक रहेगी। अधिकारी और राजनीतिक विश्लेषक इस बात पर सहमत हैं कि उचित मंत्रियों के चयन से सरकार की साख और कार्यक्षमता दोनों बढ़ेगी और जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।

कुल मिलाकर, कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बनने के साथ-साथ उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के चयन को लेकर जारी हलचल राज्य की राजनीतिक परिदृश्य में कई नए बदलाव ला सकती है। इस प्रक्रिया को लेकर जनता, मीडिया और राजनीतिक दिग्गज सभी की नजरें टिकी हुई हैं, जो आगामी दिनों में स्पष्ट होकर सामने आएंगी।

Source