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Why ESIC decided to directly run new hospitals: The West Bengal trigger
ईएसआईसी ने नए अस्पताल सीधे चलाने का फैसला क्यों किया: पश्चिम बंगाल की ट्रिगर
As countries urbanise, 38% of world's population will live in large cities by 2100: Study
जैसे-जैसे देश शहरीकरण की ओर बढ़ेंगे, 2100 तक दुनिया की 38% आबादी बड़े शहरों में रहेगी: अध्ययन
'Disbelief' in India camp after a failure to adapt to 'fantastic' Ireland
भारत के कैंप में ‘आश्चर्य और असमंजस’ ने लिया जन्म, ‘शानदार’ आयरलैंड के खिलाफ अनुकूलन में नाकामी
Only 10.2% women fielded in 20 Assembly polls since passage of women’s Bill in 2023: report
सिर्फ 10.2% महिलाएं ही मैदान में उतरीं, 2023 में महिला विधेयक पारित होने के बाद 20 विधानसभा चुनावों में: रिपोर्ट
Through The Magnificent Life, artist Rajesh RV imagines a world of harmony and hope
महान जीवन के माध्यम से, कलाकार राजेश आरवी ने सौहार्द और उम्मीद की दुनिया की कल्पना की
Ancient Aaykkudi Temple Discovered in Vizhinjam | Kerala Temple History
विजीनजं में प्राचीन अय्यकुडी मंदिर की खोज | केरल मंदिर इतिहास
It’s a bad idea to scratch bug bites, research says
कीट के काटने पर खुजलाना एक गलत कदम है, शोध में बताया गया
What decides your height?
क्या निर्धारित करता है आपकी ऊंचाई
Why is pregnancy sickness drug not easily accessible to all?
गर्भावस्था के दौरान बीमारी की दवा सभी के लिए उपलब्ध क्यों नहीं है
Israel and Lebanon revive fragile truce with plan for security zones in southern Lebanon

वाशिंगटन: अमेरिकी मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद इज़राइल और लेबनान ने दक्षिण लेबनान में एक नाजुक संघर्षविराम को पुनर्जीवित किया है। इस समझौते के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह की सक्रियताओं को पूरी तरह से रोका जाएगा और इसके प्रभाव क्षेत्र से हिज़्बुल्लाह के सदस्य वापस हटेंगे। इसके साथ ही, उक्त क्षेत्रों की सुरक्षा नियंत्रण लेबनानी सेना को सौंप दी जाएगी।

यह समझौता अमेरिकी विदेश विभाग में आयोजित वार्ता के दौरान हासिल किया गया, जिसमें दोनों पक्षों ने दक्षिण लेबनान में स्थिरता लाने के लिए जरूरी कदम उठाने का संकल्प लिया है। वार्ता में विशेष रूप से लितानी नदी के दक्षिण में सुरक्षा क्षेत्रों के निर्माण पर सहमति बनी है, जो क्षेत्र में हिंसा की घटनाओं को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हिज़्बुल्लाह, जो पूर्व में इस क्षेत्र में सक्रिय था, अब वहां से अपनी सैन्य उपस्थिति हटाएगा और उसकी जगह लेबनानी सेना स्थिरता और नियंत्रण बनाए रखेगी। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में दुश्मनी और संघर्ष को खत्म कर लंबे समय तक चलने वाली शांति सुनिश्चित करना है।

इस समझौते को लेकर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसे लेबनान और इज़राइल के बीच तनाव कम करने के लिए एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा है। इसके अलावा, यह कदम भविष्य में और भी अधिक व्यापक शांति वार्ताओं के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस समझौते से दक्षिण लेबनान में गैरकानूनी हथियारधारियों की उपस्थिति कम होगी और स्थानीय लोगों को बेहतर सुरक्षा और स्थिरता मिल सकेगी। हालांकि, इस समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सभी पक्ष इसकी पूर्ण रूप से पालना करें और किसी भी तरह की उकसावे वाली गतिविधियों से बचें।

संक्षेप में, अमेरिकी मध्यस्थता में हुआ यह सौदा इज़राइल और लेबनान के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को भंग करने और स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इसके तहत हिज़्बुल्लाह की撤退 और लेबनानी सेना की तैनाती क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की एक रणनीतिगत पहल के रूप में देखी जा रही है।

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