बेंगलुरु। बॉलीवुड और कन्नड़ फिल्म जगत के दो दिग्गज, प्रसिद्ध संगीतकार हंमसलेखा और अभिनेता-निर्देशक वी रविचंदरन ने अपनी पुरानी रंजिश को खत्म करते हुए प्रशंसकों के बीच एक नई ऊर्जा का संचार किया है। यह क्षण तब आया जब दोनों ने ‘क्रेजी ब्रह्मा’ संगीत कार्यक्रम में एक साथ मंच साझा किया।
विगत कई वर्षों से इन दोनों के बीच मतभेद और विवाद की खबरें अक्सर सुनने को मिलती थीं, जिससे प्रशंसक और फिल्म जगत के अन्य कलाकार भी प्रभावित होते थे। लेकिन इस पारिवारिक परिवेश से निकलकर दोनों कलाकारों ने दर्शाया कि समय के साथ मनुष्यों के रिश्ते भी बदल सकते हैं और पुरानी गलतफहमियों को भुलाया जा सकता है।
हंमसलेखा, जिनका नाम कन्नड़ संगीत की दुनिया में स्वर्णाक्षरों से लिखा जाता है, और रविचंदरन, जो खुद एक बहुमुखी अभिनेता और निर्देशक के रूप में पहचान रखते हैं, ने इस साझेदारी के तहत पुराने दिनों की यादें ताजा कीं और अपने फैंस के लिए एक बड़ा सरप्राइज दिया।
‘क्रेजी ब्रह्मा’ आवाज़ों और धुनों का एक ऐसा जादुई आयोजन था जहां हंमसलेखा ने अपने कालजयी संगीत को जीवंत किया और रविचंदरन ने अपनी एक्टिंग और निर्देशन के जादू से माहौल को गरमाया। इस कार्यक्रम में दोनों ने अपने मतभेदों को भुलाकर एक नई शुरुआत की घोषणा की।
हंमसलेखा ने कहा, “समय बीतता है, पर यादें नहीं। कई बार हमारे बीच मतभेद रहे, लेकिन वह सब पीछे छूट चुका है। अब हम केवल अपने संगीत और कला के माध्यम से जुड़ना चाहते हैं।” रविचंदरन ने भी इस बात पर सहमति जताते हुए बताया कि कलाकारों के बीच सौहार्द्र ही उनके काम को और बेहतर बनाता है।
इस सहयोग को कन्नड़ फिल्म उद्योग और संगीत प्रेमियों ने अत्यंत सराहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मेल सबसे बड़ी प्रेरणा हैं जो फिल्म और संगीत के क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।
इस प्रकार हंमसलेखा और वी रविचंदरन ने साबित किया कि चाहे कितनी भी पुरानी खटास क्यों न हो, सही समय पर बदली हुई सोच और दिल की सच्चाई सब कुछ ठीक कर सकती है। उनका यह कदम निश्चित रूप से आने वाले समय में और भी संगीतमय और सफल परियोजनाओं की शुरुआत की ओर इशारा करता है।
प्रशंसक और कला जगत के लोग इस पुनर्मिलन को एक ऐतिहासिक पल बता रहे हैं, जो यह दिखाता है कि कला और संगीत मनुष्यों को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत हैं।

