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Former ISRO scientist Mayilsamy Annadurai to lead panel to overhaul TN school curriculum
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Lydian Nadhaswaram unveils his Symphony No. 1 – New Beginnings
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Sooryavanshi must 'bide his time and wait,' says ten Doeschate
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Interview | Steve Brusatte on why India could be the world’s next dinosaur hotspot
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2-Day Spiritual Journey Through Central & East Palakkad Temples
2-दिवसीय आध्यात्मिक यात्रा: मध्य और पूर्व पलक्कड़ के मंदिर
Landscapes of Belonging at Lalit Kala Akademi explores the meaning of home through art
ललित कला अकादमी में ‘लगाव के परिदृश्य’ प्रदर्शनी: कला के माध्यम से घर का अर्थ तलाश
Switzerland’s MSC to acquire 49% stake in Adani’s Vizhinjam port in Kerala for ₹13,220 crore
स्विट्ज़रलैंड की MSC द्वारा अदानी के विज़िन्ज़म बंदरगाह में 13,220 करोड़ रुपये में 49% हिस्सेदारी अधिग्रहित
Equity Mutual Funds inflow hit 12-month low of ₹22,908 crore in May

नई दिल्ली: मई महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश के प्रवाह में गिरावट देखी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, नेट निवेश ₹22,908 करोड़ रहा जो कि अप्रैल महीने के ₹38,440 करोड़ की तुलना में काफी कम है। यह आंकड़ा मार्च, फरवरी और जनवरी की तुलना में भी कम निवेश दर्शाता है, जब क्रमशः ₹40,450 करोड़, ₹25,978 करोड़ और ₹24,028 करोड़ का प्रवाह था।

इस गिरावट के कई संभावित कारण हैं। प्रमुख कारकों में बाजार की अनिश्चितता, वैश्विक आर्थिक स्थिति, घरेलू वित्तीय नीतियां और निवेशकों की सतर्कता शामिल हैं। पंजाब नेशनल बैंकों, मेटल सेक्टर और IT सेक्टर की कमजोर प्रदर्शन ने भी निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों ने मई में सतर्कता बरती और जोखिम से बचने के लिए पूंजी निकासी की। हालांकि, लम्बी अवधि में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश को स्थायी लाभ देने वाला माना जाता है।

मौजूदा स्थितियों में बाजार की तेजी और निवेशकों के विश्वास में सुधार के संकेत मिलने पर निवेश प्रवाह में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। नियामक संस्थाएं और फंड मैनेजर्स भी निवेशकों को बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहे हैं जिससे विश्वास बनाए रखा जा सके।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि निवेशकों को अल्पावधि की उतार-चढ़ाव से घबराए बिना दीर्घकालिक नजरिए से निवेश करना चाहिए। इसके लिए उच्च-मूल्यांकन के बावजूद इक्विटी निवेश एक अच्छा विकल्प माना जाता है।

इस दौरान, निवेशकों को अपनी जोखिम सहने की क्षमता, बाजार की स्थिति और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए। म्यूचुअल फंड्स के विभिन्न स्कीम विकल्पों पर विस्तृत जानकारी हासिल करके ही निवेश करना उचित होगा।

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