वाशिंगटन, 27 अप्रैल। अमेरिकी प्रशासन ने ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पर्यावरण समीक्षा आवश्यकताओं को समाप्त करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इसके साथ ही ऊर्जा दक्षता मानकों और उन नियमों को भी खत्म करने की योजना है, जो विविधता, समानता और समावेशन (DEI) को बढ़ावा देते हैं। इस कदम का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में विनियामक बोझ को कम कर निवेश और विकास को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान पर्यावरणीय नियम ऊर्जा परियोजनाओं के अनुमोदन में महत्वपूर्ण देरी और जटिलताएं उत्पन्न कर रहे हैं। इन्हें लेकर उद्योग जगत में लंबे समय से असंतोष रहा है। प्रशासन ने कहा कि पर्यावरण समीक्षा प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने की योजना है ताकि ऊर्जा उत्पादकों को जल्द से जल्द परियोजनाएं शुरू करने का मौका मिले।
इसके अतिरिक्त, ऊर्जा दक्षता मानकों में छूट देने की योजना से ऊर्जा उपकरणों और उत्पादों की लागत में कमी हो सकती है, लेकिन पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस प्रस्ताव का विरोध जताया है। उनका कहना है कि ये मानक ऊर्जा की बचत को बढ़ावा देते हैं और इनके हटाए जाने से कार्बन उत्सर्जन में वृद्धि हो सकती है, जो जलवायु परिवर्तन के खतरों को बढ़ावा देगा।
विविधता, समानता और समावेशन को बढ़ावा देने वाले नियमों को हटाने के प्रस्ताव को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। सामाजिक न्याय संगठनों का मानना है कि यह कदम आर्थिक और सामाजिक असमानताओं को बढ़ावा देगा और हाशिए पर रहने वाले समूहों के लिए अवसर कम करेगा।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि ऊर्जा सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। कुछ आलोचक कहते हैं कि केवल विनियमों को कम करने से ऊर्जा क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि उपयुक्त नीतिगत सुधारों की आवश्यकता है।
प्रस्तावित नियमों पर अब सार्वजनिक और विशेषज्ञ विमर्श शुरू हो गया है। संभावना जताई जा रही है कि इन नियमों में पर्याप्त संशोधन और परिष्करण के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। ऊर्जा उद्योग और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना अमेरिका के लिए आगे आने वाले वर्षों की बड़ी चुनौती साबित होगा।

