गुवाहाटी, 2026: असम सरकार ने अपनी 2.85 लाख करोड़ रुपये की बजट घोषणा में छोटे चाय उत्पादकों को बड़ी राहत दी है। राज्य के वित्त मंत्री ने इस बजट में चाय कर में कटौती के साथ ही घरों में पाइप्ड गैस पर वस्तु एवं सेवा कर (VAT) घटाने की भी पेशकश की है। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बजट में हरित सेस (Green Cess) लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। खास बात यह है कि इस बजट के माध्यम से दो लाख नई नौकरियों का सृजन करने के लक्ष्य को भी अपनाया गया है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि असम की अर्थव्यवस्था में कृषि, विशेषकर चाय उद्योग की अहमियत को देखते हुए छोटे चाय उत्पादकों के लिए कर राहत अनिवार्य है। इस कदम से न केवल स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि राज्य की चाय की उत्पादकता में भी वृद्धि होगी। पाइप्ड प्राकृतिक गैस के शुल्क में कटौती से आम घरों को ऊर्जा लागत में कमी आएगी, जिससे जीवन स्तर में सुधार होने की उम्मीद है।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता को ध्यान में रखते हुए, बजट में हरित सेस की स्थापना एक अहम कदम माना जा रहा है। यह सेस प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोग किया जाएगा, जिससे असम में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाया जा सकेगा।
साथ ही, सरकार ने समाज कल्याण योजनाओं के तहत पात्रता मानदंडों को कड़ा करने का भी निर्णय लिया है। इससे संसाधनों का अधिक प्रभावी और सही दिशा में उपयोग हो सकेगा।
नौकरी सृजन को लेकर भी इस बजट में खास योजना प्रस्तुत की गई है। उद्योग, सेवा क्षेत्र और ग्रामीण विकास में दो लाख नई नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है। यह योजना युवा वर्ग को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के साथ-साथ राज्य की समग्र आर्थिक प्रगति में सहायक होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट से असम की आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी और छोटे किसानों तथा उत्पादकों को नई दिशा मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण के कदम और रोजगार के अवसर प्रदेश के दीर्घकालीन विकास में मददगार साबित होंगे।
असम सरकार की यह पहल संतुलित विकास और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगामी वर्षों में इस बजट के प्रभावों पर नजर रखी जाएगी ताकि राज्य की प्रगति निरंतर बनी रहे।

