चेन्नई, 27 अप्रैल 2024: “लिट फॉर लाइफ अनप्लग्ड x झोयू होस्ट्स” कार्यक्रम के तहत इस बार नागालैण्ड और मेघालय की सांस्कृतिक धरोहर और कलात्मक प्रतिभाओं को मुख्य मंच मिला। इस आयोजन में नागा कलाकार कनाटो जिमो ने हस्तनिर्मित चित्रकला की अहमियत और आधुनिक एआई-जनित कला में इस पद्धति को संरक्षित रखने की चर्चा की। वहीं मेघालय की प्रसिद्ध शेफ अहमेदाकी लालू ने अपने घर की खासियतों से परिचित कराते हुए स्थानीय व्यंजनों के स्वाद को उपस्थित दर्शकों तक पहुँचाया।
कनाटो जिमो ने कहा, “आज के डिजिटल युग में जहां एआई का प्रभाव हर क्षेत्र में बढ़ रहा है, हमारी मानव द्वारा तैयार की गई कढ़ाई और रेखांकन की कला न सिर्फ हमारी पहचान का प्रतीक है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ें भी बरकरार रखने का माध्यम है।” इस सत्र ने कला प्रेमियों को पारंपरिक एवं समकालीन कला के बीच संतुलन समझने का नया नजरिया दिया।
इस रंगारंग आयोजन में अहमेदाकी लालू ने स्थानीय मसालों और पारंपरिक तरीकों से तैयार की गई व्यंजनों की कहानी बताते हुए कहा, “मेघालय की हर रेसिपी में हमारी मातृभूमि की खुशबू और स्वाद छिपा होता है। खासतौर पर हमारे हस्त निर्मित मसाले और ताजा प्राकृतिक सामग्री भोजन को खास बनाती है।” उनकी प्रस्तुत व्यंजन समारोह में पहुंचे लोगों को मेघालय की समृद्ध खाद्य संस्कृति का अनुभव कराते हुए एक अलग ही बात प्रदान कर गई।
इस कार्यक्रम ने न केवल नागालैण्ड और मेघालय की सांस्कृतिक समृद्धि को उजागर किया, बल्कि इस बात पर भी जोर दिया कि कला और खाद्य संस्कृति किस तरह किसी समाज की आत्मा होती है। आयोजकों ने कहा कि ऐसी पहलों से भारतीय विविधता को समझने और मानने में मदद मिलती है।
लिट फॉर लाइफ अनप्लग्ड x झोयू होस्ट्स प्लेटफार्म, साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखकर युवाओं को जोड़ने का प्रयास करता है। इस अवसर पर उपस्थित श्रोता और स्वाद-प्रेमी दोनों ने इस पहल की सराहना की, जिससे भविष्य में ऐसे और अनोखे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई।

