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On India’s rainbow trail | Queer-focused walks are finding an audience in the country
भारत के रंगीन रास्ते पर | देश में क्वीर-केंद्रित वॉक को मिल रही है पहचान
Why hackathons teach more than classrooms
हैकाथॉन क्लासरूम से ज्यादा सिखाते हैं
Markets rally for second day; Sensex jumps over 800 points
बाजार में तीसरे दिन भी तेजी, सेंसेक्स 800 अंक से अधिक चढ़ा
'Endometriosis tests would have given me years back'
एंडोमेट्रियोसिस के परीक्षण मुझे वर्षों पहले मिल जाने चाहिए थे
US attacks Iran over ship being hit in Hormuz; Tehran lashes out at Gulf Arab states
अमेरिका ने हर्मुज में जहाज पर हमले को लेकर ईरान पर किया हमला; तेहरान ने गल्फ अरब राज्यों की कड़ी आलोचना की
Congress seeks SC-monitored probe into Ram temple ‘donation’ embezzlement
कांग्रेस ने राम मंदिर ‘दान’ की गड़बड़ी की सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जांच की मांग की
Mandaviya to inaugurate seven ESI healthcare projects on Tuesday
मंडाविया मंगलवार को सात ESI स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे
India bat; Harshit Rana, Varun Chakravarthy ruled out of the series
भारत की बल्लेबाजी; हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती सीरीज से बाहर
Congress seeks SC-monitored probe into Ram temple ‘donation’ embezzlement
कांग्रेस ने राम मंदिर दान गबन की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की
Samji Arattupuzha’s new song captures the nostalgia of Kerala church band music

समजी अरत्तुपुझा का नया गीत सुनते ही केरल के चर्चों की पूर्व की यादें ताजा हो जाती हैं। उनके इस नवीनतम गीत में केरल चर्च संगीत की वही मधुरता और पुरानी पारंपरिकता है, जो वर्षों से क्रिसमस के अवसर पर संगीत प्रेमियों के दिलों को छूती आई है।

समजी अरत्तुपुझा, जिनके नाम केरल के ख्रिश्चियन संगीत क्षेत्र में 500 से अधिक भक्ति गीत दर्ज हैं, ने एक बार फिर अपने संगीत कौशल का परिचय दिया है। उनका यह नया गीत न केवल पारंपरिक चर्च संगीत का आदर करता है, बल्कि इसे आधुनिक संगीत सजावट के साथ प्रस्तुत करता है, जिससे श्रोताओं को पुराने समय की अनुभूति होते हुए भी नवीनता का अनुभव होता है।

केरल में क्रिसमस का त्योहार बहुत खास माना जाता है और चर्च बैंड संगीत इसकी जान होता है। समजी ने अपने गीत में इस सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखा है, जो न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि दुनिया भर के केरलियन चर्च संगीत प्रेमियों को भी आकर्षित करता है। इस गीत के माध्यम से उन्होंने क्रिसमस के उत्सव की गरिमा और उसके आध्यात्मिक भाव को बड़ी खूबसूरती से व्यक्त किया है।

यह गीत न केवल विशेष अवसरों पर बजाने के लिए उपयुक्त है, बल्कि यह रोज़मर्रा के जीवन में भी चर्च के संगीत प्रेमियों को जुड़ने का माध्यम है। समजी अरत्तुपुझा की संगीत यात्रा ने उन्हें केरल में एक प्रतिष्ठित स्थान दिलाया है और उनका नये गीत ने इस प्रतिष्ठा को और भी मजबूत किया है।

ऐसे कलाकारों के कारण ही केरल का चर्च संगीत एक जीवंत और प्रेरणादायक संगीत शैलि के रूप में बना हुआ है, जो श्रोताओं को आध्यात्मिक शांति देने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान भी प्रदान करता है। समजी अरत्तुपुझा का नवीनतम गीत इस धरोहर को नयी उचाइयों पर ले जाएगा, ऐसी उम्मीद है।

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