भारत में कालीन उद्योग में एक नया युग शुरू हो गया है। देश के प्रमुख ateliers, जो पहले केवल परंपरागत डिजाइन पर ही केंद्रित थे, अब कोट्योर-प्रेरित कलेक्शनों और आर्किटेक्ट-नेतृत्व वाले सहयोगों के जरिये कालीनों को संग्रहणीय डिजाइन वस्त्रों में तब्दील कर रहे हैं। यह बदलाव न केवल लक्जरी मार्केट में नई जान डाल रहा […]
