पश्चिमी भारत के चरवाहा समुदायों की सदियों पुरानी मणिकारी कला अब लंदन क्राफ्ट्स वीक में अपनी छाप छोड़ने जा रही है। इस पारंपरिक शिल्प की जीवंतता और सांस्कृतिक दास्तान को सामने लाने के लिए मोई एक विशेष प्रदर्शनी “Unbound by Beads: Migration, Memory Source
कच्छ और बारमेर की सदियाँ पुरानी मनुष्यों द्वारा निर्मित माणिकाकारी अब लंदन क्राफ्ट्स वीक में प्रदर्शित
पश्चिम भारत की पशुपालक समुदायों द्वारा सदियों से चले आ रहे माणिकाकारी शिल्प को नई पहचान मिल रही है। कच्छ और बारमेर के ये पारंपरिक शिल्प अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर लंदन क्राफ्ट्स वीक में प्रदर्शित होंगे, जहाँ इनकी विशिष्टता और सांस्कृतिक महत्व को विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। “Unbound by Beads: Migration, Memory Source

