प्राचीन भारतीय पौराणिक कथाओं में ऋषि दुर्वास के जीवन और उनके दिव्य अवतार की कहानी महत्वपूर्ण स्थान रखती है। दुर्वास को भगवान शिव का अवतार माना जाता है और उनकी कथा विभिन्न पुराणों में वर्णित है, जिनमें प्रत्येक संस्करण में उनकी उत्पत्ति और जीवन की अलग-अलग झलक मिलती है। इस रिपोर्ट में हम ब्रह्माण्ड पुराण […]
भैरव अवतार की कहानी | भगवान शिव का उग्र रूप
महाबली और वामन अवतार की कथा: विनम्रता और सत्य का संदेश
नरद पुराण – हिंदू ज्ञान और ब्रह्मांड विज्ञान का प्राचीन विश्वकोश
नरद पुराण: आध्यात्मिक ज्ञान का खजाना नरद पुराण हिंदू परंपरा के अठारह महापुराणों में से एक है, जिसे प्राचीन और महत्वपूर्ण पुराणिक ग्रंथों में गिना जाता है। लगभग 22,000 श्लोकों में रचित यह ग्रंथ दो प्रमुख खंडों में विभाजित है जिनमें क्रमशः 125 और 82 अध्याय शामिल हैं। यह पुराण ऋषि नरद और सनत्कुमार के […]
वामन पुराण – भगवान विष्णु के वामन अवतार का पवित्र ग्रंथ
वामन पुराण: भगवान विष्णु के वामन अवतार की पवित्र कथा वामन पुराण, प्राचीन हिन्दू धर्मग्रंथों में से एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो महापुराणों में से चौदहवां स्थान रखता है। यह महापुराण लगभग 10,000 श्लोकों में रचा गया है और इसे छोटे पुराणों की श्रेणी में माना जाता है। इस ग्रंथ का मुख्य विषय भगवान विष्णु […]
पद्म पुराण – भगवान विष्णु की पावन कथा
वराह पुराण – कथा, महत्व, शिक्षाएँ और आध्यात्मिक ज्ञान
ब्रह्मवैवर्त पुराण – कथा, खंड और आध्यात्मिक महत्व
नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2024। हिंदू धर्म के अठारह महान पुराणों में से एक ब्रह्मवैवर्त पुराण अपनी आध्यात्मिक शिक्षाओं और भक्तिपूर्ण कहानियों के कारण अत्यंत सम्मानित है। यह पुराण लगभग अठारह हजार पदों का एक विशाल ग्रंथ है, जो भगवान कृष्ण की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन करता है। साथ ही यह राधा और प्रकृति की […]
लिङ्गपुराण – भगवान शिव और ब्रह्मांडीय सृष्टि की पवित्र ग्रंथि
नई दिल्ली। हिन्दू धर्मग्रंथों में पुराणों का विशेष स्थान है, जिनमें से लिङ्गपुराण का महत्व अत्यंत खास माना जाता है। यह पुराण अठारह प्रमुख पुराणों में से पाँचवाँ है और मुख्यतः भगवान शिव की महिमा का वर्णन करता है। लिङ्गपुराण न केवल शिव का गौरव गाथा प्रस्तुत करता है, बल्कि ब्रह्मांड की सृष्टि, शिवलिंग की […]
ब्रह्मांड पुराण – ब्रह्मांड की सृष्टि का पवित्र हिंदू ग्रंथ
भारत की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत में पूराणों का एक विशिष्ट स्थान है। इनमें से ब्रह्मांड पुराण को विशेष महत्त्व प्राप्त है क्योंकि यह ब्रह्मा द्वारा वर्णित सृष्टि के उद्भव और ब्रह्मांड की व्याख्या करता है। हिन्दू परंपरा के अठारह मुख्य पुराणों में यह अंतिम माना जाता है। ब्रह्मांड पुराण में लगभग बारह हजार […]

