मार्कण्डेय पुराण, अठारह महापुराणों में से एक प्रमुख और अत्यंत सम्मानित ग्रंथ माना जाता है। इसके रचना काल का अनुमान तीसरी शताब्दी ईस्वी के आसपास लगाया जाता है। यह पुराण अन्य प्राचीन ग्रंथों की तुलना में अपनी मौलिक सामग्री को अधिकाधिक संरक्षित रखे हुए है, जिसके कारण यह आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से एक […]

