नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अध्ययन और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने अपनी पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई नए कदम उठाए हैं। कक्षा 9 की किताबों की मांग को पूरा करने के लिए अब इन्हें तेजी से प्रिंट किया जा रहा है और वितरण व्यवस्था सामान्य करने के प्रयास जोर-शूरू से किए जा रहे हैं।
NCERT के अधिकारियों के अनुसार, पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अब ये पुस्तकें क्षेत्रीय केंद्रों पर बिक्री काउंटरों के माध्यम से और देशभर के वितरक नेटवर्क के जरिये उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों तक किताबें पहुंचाना और अधिक सुगम हो गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से NCERT किताबों की मांग काफी बढ़ गई है। विशेषकर कक्षा 9 की किताबों की मांग में वृद्धि के कारण प्रिंटिंग की प्रक्रिया युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई है ताकि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के छात्र समय पर अपनी अध्ययन सामग्री प्राप्त कर सकें।
शैक्षणिक विशेषज्ञों का मानना है कि NCERT की यह पहल विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि पुस्तकें समय पर उपलब्ध होने से उनकी पढ़ाई पर सकारात्मक असर पड़ता है। साथ ही, पाठ्यक्रम के अनुसार अपडेटेड सामग्री मिलने से शिक्षा की गुणवत्ता भी सुधरती है।
NCERT ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे न केवल स्कूलों और छात्रों को सीधी आपूर्ति कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न विक्रेताओं के माध्यम से भी वितरण को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में भी किताबें आसानी से उपलब्ध हो सकें। यह सुनिश्चित करने के लिए कि हर छात्र तक सामग्री पहुंचे, NCERT की यह रणनीति व्यापक पैमाने पर लागू की जा रही है।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी इस नई व्यवस्था के बारे में जागरूक किया जाए ताकि वे विश्वसनीय स्रोतों से ही पाठ्यपुस्तकें खरीद सकें और संदिग्ध या महंगे विकल्पों से बच सकें। साथ ही, स्कूल प्रशासन को भी इस प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए ताकि वितरण श्रृंखलाओं में व्यवधान न आए।
इस पूरे प्रयास से न केवल शिक्षा की पहुँच बढ़ेगी बल्कि विद्यार्थियों के बीच शैक्षिक समानता भी स्थापित होगी। सरकार और NCERT के इस संयुक्त प्रयास से आशा की जा रही है कि आने वाले शिक्षा सत्रों में सामग्री की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी और समयबद्ध हो जाएगी।

