देश में ओज़ेमपिक, माउंटजारो और वेगोवी जैसी दवाओं की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। ये दवाएं मोटापा एक क्रॉनिक चिकित्सीय स्थिति के रूप में पुनर्परिभाषित कर रही हैं, जिससे न केवल चिकित्सा जगत में बल्कि समाज में भी मोटापे को लेकर विचारधाराएं बदल रही हैं।
ओज़ेमपिक और माउंटजारो जैसी GLP-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) दवाएं, जिनका उपयोग डायबिटीज और वजन घटाने दोनों के लिए किया जाता है, भारत में आने के बाद से ही चर्चा का विषय बनी हैं। इन दवाओं का काम भूख को नियंत्रित करना और शरीर की कैलोरी खपत को प्रभावित करना है, जिससे व्यक्ति का वजन कम होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापा अब केवल एक जीवनशैली समस्या नहीं रह गया बल्कि इसे एक चिकित्सीय बीमारी के रूप में भी माना जाना चाहिए।
इस बदलाव ने मोटापे के प्रति सामाजिक रवैया और शरीर की सकारात्मकता आंदोलन (body positivity movement) में बहस को तेज कर दिया है। शरीर की सकारात्मकता आंदोलन यह मानता है कि हर शरीर सुंदर और स्वीकार्य है, चाहे वजन कोई भी हो। लेकिन अब जब नई दवाएं वजन घटाने को आसान बना रही हैं, तो चुस्त-दुरुस्त शरीर रखने की मांग भी बढ़ रही है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या यह आंदोलन पुनः पतलेपन के पक्ष में झुक जाएगा या फिर लोगों को हर आकार में शरीर को अपनाने की स्वतंत्रता मिलेगी।
इसके साथ ही दवाओं के दुरुपयोग की चिंताएं भी प्रबल हो रही हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बिना चिकित्सकीय सलाह के इन दवाओं का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। इसके अलावा, इन दवाओं की उच्च कीमत और देश के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में सीमित पहुंच भी एक बड़ी समस्या है। इससे सिर्फ अमीर वर्ग ही नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से इन दवाओं का उपयोग कर पाता है, जिससे स्वास्थ्य असमानता भी बढ़ सकती है।
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापे का इलाज केवल दवाओं से नहीं हो सकता। इसका प्रभावी प्रबंधन आहार, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य सुधार के साथ ही होना चाहिए। मोटापा एक जटिल समस्या है, जिस पर समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
निष्कर्षतः, ओज़ेमपिक, माउंटजारो और वेगोवी जैसी दवाएं मोटापे की चिकित्सा को नई दिशा दे रही हैं, लेकिन इसके साथ ही सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर कई नए प्रश्न भी सामने आ रहे हैं। यह देखना अब रुचिकर होगा कि भारत में स्वास्थ्य नीतियां और सामाजिक अभियान इन बदलावों के साथ कैसे तालमेल बिठाते हैं।
