दिब्रूगढ़: असम के पहले आर्टिसनल स्मॉल-बैच चीज ब्रांड ‘क्वेसेओ’ ने खाद्य जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। क्वेसेओ ने यूरोपीय चीज बनाने की परंपराओं को असम की स्थानीय खुशबू और स्वाद के साथ मिलाकर एक अनूठा अनुभव प्रस्तुत किया है। यह ब्रांड न केवल असम में बल्कि पूरे भारत में गुणवत्ता और नवीनता के लिए चर्चा में है।
क्वेसेओ का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादकों को सहयोग देना और असम की परंपरागत स्वादों को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत करना है। अपनी चीज़ उत्पादन प्रक्रिया में, यह ब्रांड यूरोपियन टैक्निक्स का उपयोग करता है, जबकि अपने उत्पाद में स्थानीय मसालों और फ्लेवर्स जैसे कि भूत जोलोकिया को भी समाहित करता है। इससे न केवल चीज का स्वाद बढ़ता है, बल्कि यह असम की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करता है।
कंपनी के संस्थापक ने बताया कि उनकी प्रेरणा हमेशा से स्वदेशी स्वादों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की रही है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य चीज़ उद्योग में असम को एक नई दिशा देना है और इस प्रक्रिया में स्थानीय किसानों और उत्पादकों को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाना चाहते हैं।”
क्वेसेओ ने अपने छोटे बैचों में चीज उत्पादन से गुणवत्ता को सर्वोपरि रखा है। यह ब्रांड न केवल स्वाद में अनूठा है, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी है, क्योंकि यह पूरी तरह से प्राकृतिक सामग्रियों से बनाया जाता है और इसमें कोई रासायनिक तत्व नहीं मिलाया जाता।
फूड क्रिटिक्स और कंज्यूमर्स द्वारा मिली प्रतिक्रियाएँ भी काफी सकारात्मक रही हैं। असम और इसके बाहर भी इस चीज़ को खासा पसंद किया गया है। स्थानीय बाजारों के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी क्वेसेओ की मांग बढ़ती जा रही है।
मिश्रण में असम के लोकल फ्लेवर्स को शामिल करना एक साहसिक कदम माना जा रहा है, जो ब्रांड को खाद्य उद्योग में विशिष्ट बनाता है। इस तरह के नवोन्मेष से असम की पहचान सुदृढ़ होती है और क्षेत्रीय उत्पादों को देश-विदेश में एक नई छवि मिलती है।
इस तरह क्वेसेओ न केवल खाद्य प्रेमियों को उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद दे रहा है, बल्कि यह असम के सांस्कृतिक और व्यावसायिक विकास में भी सहयोगी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में इस ब्रांड से और भी कई तरह के नवाचारों की उम्मीद की जा रही है, जो देश के आर्टिसनल उत्पाद क्षेत्र को मजबूत बनाएंगे।
