मलयालम फ़िल्म निर्माता, संपादक और लेखक महेश नारायणन ने अपनी नई फ़िल्म ‘पैट्रियट’ के निर्माण पर विस्तार से बातचीत की है। यह फ़िल्म Mammootty के नेतृत्व में बनी है और इसमें Mohanlal का एक कैमियो भी शामिल है, जो कुछ आलोचनाओं के बीच चर्चा में रहा। महेश ने बताया कि इस फ़िल्म को बनाते समय उन्होंने शैली से ज़्यादा कहानी और substance को प्राथमिकता दी।
फिल्म के निर्माण के दौरान महेश नारायणन ने कहा कि Mammootty और Mohanlal जैसे बड़े सितारों की स्टार पावर के बावजूद, उन्होंने अपने निर्देशक के रूप में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया। उनका मानना है कि एक फिल्म की सफलता के लिए कहानी और विचारधारा सबसे अहम होते हैं और स्टार की मौजूदगी केवल इसे और मजबूत बना सकती है।
‘पैट्रियट’ एक जटिल और संवेदनशील विषय पर आधारित है, जहां देशभक्ति और समाज के विभिन्न पहलुओं को गहराई से दिखाया गया है। महेश ने अपने निर्देशन में इस फ़िल्म को न केवल मनोरंजक बल्कि सामाजिक संदेश से भरपूर बनाने की कोशिश की है।
फिल्म में Mohanlal के कैमियो को लेकर कुछ आलोचनाएं आईं कि शायद उनका किरदार कहानी के प्रवाह में बाधा डालता है, लेकिन महेश नारायणन का कहना है कि हर पात्र का अपना महत्व है और उन्होंने पूरे ध्यान से इसे स्क्रिप्ट में शामिल किया है ताकि यह पूरे कथानक के साथ तालमेल बनाए।
महेश ने स्वीकार किया कि बड़े सितारों के साथ काम करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है लेकिन इससे फ़िल्म की पहुंच और प्रस्तुति में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘पैट्रियट’ की मूल भावना को कभी नहीं खोया गया, चाहे स्टार पावर कितनी भी हो।
इस फ़िल्म के माध्यम से उन्होंने दर्शकों को एक मजबूत और सार्थक संदेश देना चाहा, जो आज के सामाजिक और राजनीतिक संदर्भों में प्रासंगिक है। महेश नारायणन के अनुसार, ‘पैट्रियट’ केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सोचने पर मजबूर करने वाली फ़िल्म है।
अंत में, महेश ने कहा कि उनकी टीम ने पूरी ईमानदारी और मेहनत से इस फ़िल्म को तैयार किया है, और उम्मीद है कि दर्शक इसे खुले मन से स्वीकारेंगे और इसके विषय की गहराई को समझेंगे। ‘पैट्रियट’ का मकसद केवल स्टारडम नहीं, बल्कि वास्तविकता को परदे पर लाना है।

