भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून कोर ज़ोन में आने वाले 15 राज्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ये राज्य मानसून के दौरान अत्यधिक प्रभावित होते हैं, इसलिए इन्हें सबसे पहले ब्लॉक स्तर की मौसम की खबरें देने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों, स्थानीय प्रशासन और सामान्य जनता को बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून कोर ज़ोन में ब्लॉक स्तर की पूर्वानुमान सेवा प्रदान करने की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि इस क्षेत्र में वर्षा का वितरण बढ़ते मौसम परिवर्तनों के चलते असमान होता जा रहा है। ब्लॉक स्तर पर सटीक पूर्वानुमान प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाता है और आपदा प्रबंधन में भी सहायक होता है।
मनसून कोर ज़ोन में आने वाले ये 15 राज्य हैं: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक। इनके लिए ब्लॉक स्तर के पूर्वानुमान से स्थानीय कृषि गतिविधियों को बेहतर दिशा मिलेगी और बाढ़ या सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता बढ़ेगी।
IMD की ओर से इस पहल के तहत, प्रत्येक ब्लॉक में मौसम स्टेशन सेटअप किए जा रहे हैं, जो स्थानीय डेटा संग्रह करेंगे। यह डेटा केंद्र सरकार और राज्य सरकार को भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे तेजी से फैसले ले सकें। पिछले वर्षों में, ब्लॉक स्तर की पूर्वानुमान सेवाओं ने कृषि उत्पादन में सुधार किया है और ग्रामीण इलाकों में लाभ पहुंचाया है।
किसानों के लिए यह सेवा विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी क्योंकि वे अपने खेतों की तैयारी, बीज बोने, सिंचाई व खाद वितरण जैसे कार्य इसी मौसम पर निर्भर करते हैं। ब्लॉक के अनुसार मौसम की सही जानकारी उन्हें नुक्सान से बचाएगी और बेहतर उपज पाने में मदद करेगी।
साथ ही, मानसून कोर ज़ोन में मैदानी क्षेत्रों के अलावा पठारी एवं पहाड़ी क्षेत्र भी शामिल हैं जहां मौसम अधिक परिवर्तनशील होता है। ब्लॉक स्तर की पूर्वानुमान सेवा इन्हीं क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी उपायों का संकेत दे सकेगी।
कुल मिलाकर, IMD की इस पहल से न केवल मौसम की असमानता का सामना करने में मदद मिलेगी बल्कि कृषि, जल प्रबंधन, आपदा नियंत्रण व अन्य सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। यह कदम देश के मौसम विज्ञान में एक नई प्रगति का संकेत है, जो बढ़ती आबादी व जलवायु बदलाओं के बीच संतुलन बनाए रखने में सहायक होगा।
